
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। खोडसमा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक चले कथा प्रवचन में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए और पूरा पांडाल हरिनाम संकीर्तन से गूंज उठा।
कथा व्यास आचार्य संजीव कुमार महाराज ने तीसरे दिन भगवान की बाल लीलाओं, उनकी करुणा और भक्तों पर बरसने वाली कृपा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब मन में निष्कपट प्रेम और अटूट विश्वास होता है, तब भगवान स्वयं अपने भक्तों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। कथा के दौरान उन्होंने धर्म, सत्य और सेवा के महत्व को विस्तार से समझाया और बताया कि भागवत कथा सुनने से मन को शांति और जीवन को दिशा मिलती है।
जैसे ही बाल लीलाओं का प्रसंग आया, श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। महिलाओं ने भक्ति गीतों के साथ तालियां बजाईं और राधे-श्याम व हरे कृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना दिया। कई श्रद्धालु आंखें बंद कर प्रभु स्मरण में लीन दिखाई दिए।
कथा व्यास के साथ शुभम और शक्ति सिंह ने मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। ढोलक और हारमोनियम की धुनों पर पूरा पांडाल झूमता नजर आया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी भक्ति रस में डूबे रहे।


