कानपुर
अनुसूचित जाति आयोग पहुंचा पीड़ित
आयोग सदस्य रमेश चंद्र कुंडे ने निष्पक्ष जांच कराने तथा पीड़ित को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कानपुर : कानपुर नगर के ग्राम पिपौरी में अनुसूचित जाति की भूमि पर कथित अवैध कब्जा एवं निर्माण के मामले में अब प्रकरण राज्य स्तर तक पहुंच गया है। पीड़ित नंदराम पुत्र स्व. सूबेदार ने उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र कुंडे से मुलाकात कर उन्हें पूरे मामले का लिखित ज्ञापन सौंपा। पीड़ित ने आयोग सदस्य को अवगत कराया कि उसकी पुस्तैनी कृषि भूमि पर बिना वैध रजिस्ट्री,बिना दाखिल-खारिज एवं बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के निर्माण कराया जा रहा है,जो कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता,2006 तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम,1989 की मंशा के विपरीत है। ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए आयोग सदस्य रमेश चंद्र कुंडे ने निष्पक्ष जांच कराने तथा पीड़ित को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति की भूमि से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है और दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस मौके पर समाजसेवी पंडित जितेंद्र बाल्मीकि तथा पीड़ित के अधिवक्ता अखिलेश सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने आयोग सदस्य को बताया कि स्थानीय स्तर पर शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई,जिससे पीड़ित परिवार भय और मानसिक तनाव में है। मामले को लेकर अब प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं कि जब एक ओर अवैध निर्माण को रोका गया था,तो बाद में किस आदेश से पुनः निर्माण प्रारंभ कराया गया। आयोग में शिकायत दर्ज होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है और पीड़ित को उसकी भूमि पर पुनः अधिकार कैसे दिलाया जाता है। यह प्रकरण केवल भूमि विवाद नहीं,बल्कि अनुसूचित जाति के संवैधानिक अधिकारों और प्रशासनिक निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर विषय बनता जा रहा है।



