गोड्डा
अज्ञात वाहन की चपेट में आने से घर के पालनहार की मौत
सैलून चलाकर घर का परवरिश करता था राजेश ठाकुर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कठौन – भटौंधा फोरलाइन में देर शाम तेज रफ्तार वाहन ने बाइक में मारी ठोकर
गोड्डा। जिले के विभिन्न मार्ग में सड़क दुर्घटना में इजाफा हो गया है। सड़क दुर्घटना पर लगाम कसने में पुलिस विफल है। जब सड़क दुर्घटना आम हो जाती है तो पुलिस केवल वाहन जांच कर खानापूर्ति करती है। जबकि एनएच हाईवे पर बेलगाम चल रहे गाड़ियों पर अंकुश लगाने में पुलिस का कोई रूची ही नहीं है। इस वजह से सड़क दुर्घटना में बीते शाम घर का पालनहार छिन गया है। ग्रामीणों ने जानकारी में बताया कि गोड्डा देवघर मुख्य मार्ग के कठौन भटौंधा फोरलाइन में अज्ञात वाहन के धक्के से बाइक चालक की मौत हो गई है। ग्रामीणों की ओर से युवक की पहचान जिले के पोड़ैयाहाट के महड़ा कठौन निवासी राजेश ठाकुर 45 वर्ष के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि महड़ा गांव निवासी धोधो ठाकुर का पुत्र था। उक्त स्थान पर ही उसका एक सैलून दुकान डीबीएल कंपनी के पास है। देर शाम सैलून दुकान बंद कर अपने घर जाने के लिए निकला था, इसी क्रम में तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने धक्का मार दिया। दुर्घटना में उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों की ओर से पुलिस को जानकारी दिए जाने के बाद उसके शव को सदर अस्पताल पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया। पुलिस की ओर से पंचनामा तैयार किए जाने के बाद उसका पोस्टमार्टम कराया गया है। अब इधर, पुलिस के लिए यह चुनौती हो गई है कि फोरलाइन में तेज रफ्तार कौन से वाहन ने मृतक के बाइक में ठोकर मारा था। इस मामले में पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। फिलहाल पोड़ैयाहाट पुलिस के लिए यह एक्सीडेंट टेढ़ी खीर के समान हो गया है।
विकास के साथ दुर्घटना बढ़ा
जिले के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में कहा कि गोड्डा जिला को फोरलाइन जैसे विकास की सुविधा तो मिल गई है। लेकिन विकास के साथ विनाश यानी दुर्घटना में काफी इजाफा हो गया है। हर दिन कहीं ना कहीं दुर्घटना हो रही है। फोरलाइन पर पेट्रोलिंग की व्यवस्था दिन व रात में वाहनों की स्पीड को लगाम कसने के दिशा में पहल करने की पुलिस अधिकारियों को जरूरत है।
नये फोरलाइन आने से पुराने लोगों के चाल चलन में बदलाव नहीं
दूसरी ओर एक्सपर्ट नरेंद्र कुमार, मनोज कुमार, रंजन कुमार की ओर से कहा जा रहा है कि नये फोरलाइन आने के बाद रोड पर चलने वाले पुराने लोगों के चाल चलन में बदलाव नहीं आ रहा है। इस वजह से भी दुर्घटनाएं आम हो रही है। इसके लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को नियमित तौर पर फोरलाइन यानी एनएच पर पैदल चलने वाले राहगीर, दो पहिया चलाने वाले चालक को खासतौर पर जागरूक करने के लिए और नियम बताने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।



