ललितपुर
नकली डीएपी खाद बेचने का बड़ा खुलासा
किसानों की फसल बर्बाद, महरौनी में दो व्यापारियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। किसानों को नकली डीएपी खाद बेचकर उनकी मेहनत और फसल से खिलवाड़ करने का गंभीर मामला सामने आया है। थाना महरौनी क्षेत्र में कृषि विभाग की जांच के बाद नकली उर्वरक बिक्री का खुलासा हुआ है। इस मामले में जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर दो नामजद आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। घटना से क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश है और वे दोषियों पर सख्तकार्रवाईकीमांगकर रहे हैं। महरौनी के ग्राम पठा निवासी किसान रामलखन ने जनवरी माह में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने मटर की फसल के लिए डीएपी खाद खरीदी थी, लेकिन खाद डालने केकुछ ही दिनों बाद खेतों में हरियाली आने के बजाय फसल पीली पडऩे लगी और धीरे-धीरे सूखने लगी। फसल में अपेक्षित अंकुरण नहीं हुआ, जिससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
जांच में खुली नकली खाद की पोल
किसान की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ललितपुर के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर खेतों का निरीक्षण किया। जांच में प्रथम दृष्टया फसल पर नकली डीएपी खाद का प्रतिकूल प्रभाव पाया गया। इसके बाद कृषि विभाग ने ग्राम पठा स्थित मे. देवता ट्रेडर्स नामक उर्वरक विके्रता की दुकान और गोदाम का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान दुकान में उपलब्ध डीएपी खाद का स्टॉक संदिग्ध पाया गया। पोर्टल व अभिलेखों की जांच में डीएपी खाद का वैध स्टॉक शून्य दर्शाया गया। इसके बावजूद बिक्री किए जाने के साक्ष्य सामने आए। मौके से डीएपी खाद की एक बोरी जब्त कर उसका नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
प्रयोगशाला रिपोर्ट में नकली साबित
प्रयोगशाला से 13 फरवरी 2026 को प्राप्त रिपोर्ट में डीएपी खाद अमानक (नकली) पाई गई। रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हो गया कि किसानों को जानबूझकर नकली डीएपी खाद बेची गई, जिससे उनकी फसल को भारी नुकसान पहुंचा।जांच में यह भी सामने आया कि किसान द्वारा 20 अक्टूबर 2025 को खाद की खरीद के एवज में 9,000 रुपये की ऑनलाइन पेमेंट की गई थी, जिससे बिक्री का तथ्य प्रमाणित होता है।
दो नामजद आरोपियों पर मुकदमा
जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार भारती की तहरीर पर थाना महरौनी में मे.देवता ट्रेडर्स के संचालक ग्राम पठा निवासी संदीप विदुआ और राहुल विदुआ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर संख्या 0062/2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
किसानों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी है। किसानों का कहना है कि नकली खाद के कारण उनकी पूरी फसल चौपट हो गई, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए जाएं और उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यापारी किसानों की मेहनत से खिलवाड़ न कर सकें।
प्रशासन का सख्तसंदेश
कृषि विभाग और प्रशासन ने साफ किया है कि नकली खाद, बीज या कीटनाशक बेचने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जिले भर में उर्वरक दुकानों की सघन जांच अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



