
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। नगर पालिका परिषद में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर पालिका की राजस्व निरीक्षक सीमा कुशवाहा ने डीएम को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि नगर पालिका अध्यक्ष पति द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा कार्य में लगातार हस्तक्षेप किया जा रहा है। राजस्व निरीक्षक ने पत्र में उल्लेख किया है कि वह तबीयत खराब होने के चलते 27 जनवरी 2026 से 29 जनवरी तक अवकाश पर थीं। इसके बाद 30 जनवरी से 16 फरवरी तक वह अधिशाषी अधिकारी से अनुमति लेकर चिकित्सीय अवकाश पर थीं। अवकाश समाप्त होने के बाद जब वह 17 फरवरी 2026 को कार्यालय पहुंचीं तो अध्यक्ष पति द्वारा उन पर अनुचित दबाव बनाया गया और राजस्व से जुड़े कार्यों में मनमाने तरीके से हस्तक्षेप किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष पति द्वारा शासकीय भाषा और मर्यादा का उल्लंघन करते हुए उनसे अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया। पत्र में यह भी कहा गया है कि राजस्व निरीक्षक द्वारा नगर पालिका के कार्यों में नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जा रही थी, लेकिन अध्यक्ष पति द्वारा निजी हितों को साधने के उद्देश्य से दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना सक्षम प्राधिकारी के आदेश के किसी भी फाइल या प्रकरण में हस्तक्षेप करना नियम विरुद्ध है। राजस्व निरीक्षक ने यह भी आरोप लगाया कि उनके द्वारा इस पूरे मामले की जानकारी पूर्व में भी उच्च अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा उन्हें शासकीय कार्य स्वतंत्र रूप से करने की सुरक्षा प्रदान की जाए। मामले की प्रतिलिपि नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव, स्थानीय निकाय निदेशक तथा अपर आयुक्त को भी भेजी गई है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और नगर पालिका परिषद में चल रहे कथित हस्तक्षेप पर क्या कार्रवाई होती है।
बिना स्वीकृत अवकाश का स्पष्टीकरण मांगने पर लगाये आरोप
नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष सोनाली जैन ने जिलाधिकारी से मुलाकात की है। डीएम से मुलाकात के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुये नपाध्यक्ष ने बताया कि सीमा कुशवाहा पिछले काफी समय से बिना किसी स्वीकृत अवकाश के गायब थीं। जब वह उनके कार्यालय में पहुंची तो उन्होंने यही जानकारी चाही। इस पर राजस्व निरीक्षक द्वारा जानकारी नहीं दी। इस पर उन्होंने राजस्व निरीक्षक से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश देते हुये शासन से पत्राचार किया है। इसी बात से क्षुब्ध होकर राजस्व निरीक्षक ने उनके पति पर आरोप लगाये हैं। नपाध्यक्ष ने कहा कि वह सक्षम महिला हैं और निर्णय लेने में भी सक्षम हैं। उनके पति केबल उन्हें लेने के लिए कार्यालय पहुंचे थे, इसी बात का लाभ उठाते हुये राजस्व निरीक्षक ने उनके पति पर बेबुनियाद आरोप लगाये हैं।



