दिल्ली

पीएम मोदी का इजराइल दौरा

स्पाठस बम, लोरा मिसाइल समेत बड़ी डील ’ पर लग सकती है मुहर

नई दिल्ली लेजर-गाइडेड हथियार खरीदने के लिए बड़े डिफेंस डील कर सकती है, जिसमें लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइलें भी शामिल हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि वे ब्रह्मोस से भी ज्यादा खतरनाक हैं। भारत आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम और एडवांस्ड ड्रोन खरीदने पर भी विचार कर सकता है। इनमें से कई सिस्टम मोदी के खास मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत भारत और इजराइल मिलकर बना सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइल के दो दिन के दौरे पर जा रहे हैं। दुनिया भर में अनिश्चितताओं और तेजी से बदलते जियोपॉलिटिकल हालात के बीच इस दौरे को बहुत जरूरी माना जा रहा है। इस हाई-स्टेक दौरे के दौरान, भारत के एडवांस्ड इजराइली वेपन सिस्टम की खरीद के लिए जरूरी एग्रीमेंट को फाइनल करने की उम्मीद है। नई दिल्ली लेजर-गाइडेड हथियार खरीदने के लिए बड़े डिफेंस डील कर सकती है, जिसमें लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइलें भी शामिल हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि वे ब्रह्मोस से भी ज्यादा खतरनाक हैं। भारत आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम और एडवांस्ड ड्रोन खरीदने पर भी विचार कर सकता है। इनमें से कई सिस्टम मोदी के खास मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत भारत और इजराइल मिलकर बना सकते हैं।
पीएम नरेन्द्र मोदी की बुधवार से दो दिनों की इस्त्राइल यात्रा शुरू हो रही है। 2017 के बाद पीएम के दौरे को द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। दोनों देश रक्षा, आर्थिक साझेदारी से लेकर अहम मुद्दों पर बात करेंगे। दिल्ली में तैनात इस्त्राइली राजदूत ने एक विडियो जारी कर इस दौरे को बेहद अहम बताया है। इसमें क्वॉटम, साइबर क्षेत्र और अक जैसे अहम क्षेत्रो में सहयोग की बात की गई है। इसके अलावा कहा गया कि कृषि समेत कुछ अहम क्षेत्रों पर भी जोर होगा। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव के हालात है। इस हालात के ज्यादा खराब होने पर पीएम की इस यात्रा पर संकट के बादल मंडरा सकते है।
भारत 2035 तक शहरी सेंटर्स और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाने के लिए ह्यसुदर्शन चक्रह्ण नाम का एक घरेलू, मल्टी-टियर एयर डिफेंस आर्किटेक्चर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इस कोशिश के तहत, नई दिल्ली आयरन डोम, एरो और डेविड्स स्लिंग सिस्टम जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने के लिए इजराइल के साथ पार्टनरशिप कर रहा है। प्लान किया गया फ्रेमवर्क बराक-8 टफ-रअट/छफ-रअट प्लेटफॉर्म को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड सेंसर नेटवर्क और मजबूत साइबर-डिफेंस क्षमताओं के साथ मिलाकर एक इंटीग्रेटेड प्रोटेक्टिव शील्ड बनाएगा।
फोर्ब्स इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत हाल ही में मंजूर किए गए एक बड़े डिफेंस प्रोक्योरमेंट पैकेज के हिस्से के तौर पर इजराइल से रढकउए-1000 प्रिसिजन-गाइडेड बम किट खरीदने की ओर बढ़ रहा है। रढकउए का मतलब है स्मार्ट, प्रिसाइज इम्पैक्ट, कॉस्ट-इफेक्टिव। रढकउए ॠढर और इलेक्ट्रो-आॅप्टिकल गाइडेंस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है और लंबी दूरी से टारगेट को हिट कर सकता है। इन्हें खराब मौसम या ॠढर-जैमिंग माहौल में भी बहुत सटीकता से हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है।

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