सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर प्रदर्शन।

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
जोधपुर । सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग को लेकर जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, पर्यावरण संरक्षण एवं क्रांतिकारी संगठनों का आज शांतिपूर्ण और जोरदार प्रदर्शन हुआ। ज्ञात हो कि सोनम वांगचुक को राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और सरकार के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में पिछले वर्ष 26 सितंबर को उनके घर लेह लद्दाख से गिरफ्तार कर वहाँ से लगभग सोलह सौ किलोमीटर दूर जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने कश्मीर से धारा 370 हटाने तथा लेह लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने के पहले वहाँ की जनता को स्वायत्तता का वादा किया था, परंतु उसने वादे पर अमल नहीं किया।ऐसी स्थिति में वहाँ के लोगों के धैर्य का बांध टूट गया तथा उन्होंने सोनम के नेतृत्व में शांतिपूर्ण आंदोलन करना शुरू कर दिया।24 सितंबर को प्रदर्शन के दौरान जुलूस में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने भीड़ की आड़ में भाजपा के दफ्तर पर हमला कर दिया तथा उसे जलाने का प्रयास किया। सोनम ने इस घटना की कड़ी निंदा की तथा आंदोलन को स्थगित कर दिया। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने उस पर भीड़ को उकसाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत उसे गिरफ्तार कर लिया तथा राष्ट्रद्रोह के आरोप में उसे जेल में बंद कर दिया गया। सरकार की इस घृणित और अमानवीय कृत्य की देश-विदेश में भर्त्सना हुई तथा आज भी उसकी रिहाई के लिए प्रयत्न जारी है। उक्त प्रदर्शन में समाज के विभिन्न तबकों के लोग जैसे वकील,पत्रकार,युवा, समाजसेवी,सर्वोदयी, गांधीवादी, रंगकर्मी आदि सैकड़ों की संख्या में उपस्थित थे। सभी ने समवेत स्वर में चट्टानी एकता का परिचय देते हुए सोनम की रिहाई तक उक्त आंदोलन को जारी रखने का संकल्प लिया तथा सोनम की रिहाई के अलावा अरावली पर्वतमाला को बचाने एवं साम्प्रदायिक सौहार्द पर वर्तमान सरकार द्वारा किए जा रहे हमले के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन छेड़ने का संकल्प लिया। इस प्रदर्शन में राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात एवं अन्य कई राज्यों के लोग शामिल थे। इसमें झारखंड सर्वोदय मंडल(सर्व सेवा संघ) से आचार्य विनोद, विश्वनाथ आजाद, मनोज भारतीय (बोकारो), राजस्थान से सवाई सिंह, आशा बोथरा एवं रामदेव सिंह तथा गुजरात से नीता महादेव मुख्य रूप से उपस्थित थे।



