जालौन

डामरीकरण सड़क में मिली खामी जिलाधिकारी की सख्ती ठेकेदार को दोबारा निर्माण के आदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

जालौन : जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उरई स्थित दयानंद वैदिक कॉलेज के पास नगर पालिका परिषद द्वारा कराए गए डामरीकरण सड़क निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को सड़क का पुनः निर्माण कराने के निर्देश दिए।
जांच में सामने आया कि सड़क निर्माण में निर्धारित बीसी (बिटुमिनस कंक्रीट/विटामिन कंप्लीट मिक्सचर) की मात्रा का प्रयोग नहीं किया गया था। इसके स्थान पर पीसी सामग्री का उपयोग किया गया जिससे सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होने और उसके जल्द उखड़ने की आशंका व्यक्त की गई। गुणवत्ता में कमी को गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने ठेकेदार प्रमोद कुमार को तत्काल सड़क का निर्माण दोबारा कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सड़क का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप दोबारा नहीं कराया गया तो ठेकेदार तथा उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मानकों से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बताया गया कि नगर पालिका परिषद द्वारा ठेकेदार प्रमोद कुमार की फर्म प्रमोद कुमार यादव कॉन्ट्रैक्शन को डीवीसी से लेकर अजनारी फाटक क्रॉसिंग तक सड़क डामरीकरण का टेंडर दिया गया था। इस परियोजना की लागत जीएसटी सहित लगभग 38 लाख रुपये निर्धारित की गई थी। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी पाए जाने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास परियोजनाओं में निर्धारित तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए ताकि सार्वजनिक धन का सही उपयोग हो और जनता को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें।
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