अखिल भारतीय साहित्य परिषद सह काब्य गोष्ठी संपन्न

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। अखिल भारतीय साहित्य परिषद् का होली मिलन सह भव्य काव्य गोष्ठी, संघ कार्यालय सेक्टर 2/ए में प्रो. परमेश्वर लाल वर्णवाल की अध्यक्षता में माँ भारती के चरणों में पुष्प अर्पित कर सभी साहित्यकार आपस में अबीर लगा कर एक दुसरे का अभिवादन किया।काव्य गोष्ठी की शुरुआत ब्रह्मानंद के मंगलाचरण एवं फगुआ गीत से हुआ।डाॅं परमेस्वर भारती की ‘लाल वर्ण भाल है’, दयानंद सिंह की बल बैंभव के पाप पुंज पर, डाॅं रेणुका सिंन्हा की “होली का सर्वे’ काफी प्रसंसनीय रहा।डाॅं आशु पुष्प की होली के शानदार दोहे ‘दूनिया के बाजार में एकाकी सभी आज,सुनकर सभी मंत्रमुग्ध हो गये। कस्तुरी सिंन्हा की ‘अभी हम हैं चुप, अभी तुम चुप हो’, गाकर श्रोताओं की वाह वाही लूटी।करुण कलिका की छेङो न मोरो श्रृंगार कन्हैया,गाकर वातावरण होली मय कर गयी।मिडिया प्रभारी गंगेश कुमार पाठक की कविता रंगो की होली में सभी रंगों की हो बहार एवं जोगीरा गाकर सभी को फगुआ में रंग दीया।चर्चीत कवियत्री नीलम झा की होली आई रे गाकर सबको झुमा गयी।सुधा रानी की’ बैरी बसंत फिर आया,सराहनीय रहा।दीनानाथ ठाकुर की होली में हमजोली अच्छी रही।अंत में सभी मीडिया बंधु,उपस्थित कवियों एवं श्रोताओं को होली की शुभकामनाएं देते हुए धन्यवाद ज्ञापन परिषद के सचिव विकल राही ने एवं काव्य गोष्ठी का सफल संचालन बोकारो की चर्चितकवियत्री गीता कुमारी गुस्ताख ने की।



