बरेली
उद्यान विभाग द्वारा कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया
गोष्ठी में वैज्ञानिक विधि से किसानों को खेती करने की जानकारी दी गई

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : उद्यान विभाग जनपद बरेली मे संचालित एकीकृत बागवानी विकास मिषन योजनान्तर्गत कृषक गोष्ठी का आयोजन कृषि एवं प्रोद्योगिकी सकांय सभागार,महात्मा ज्यातिबाफूले रूहेलखण्ड विश्वविद्यलाय,बरेली मे किया गया। गोष्ठी का शुभारम्भ प्रो0के0पी0 सिंह,कुलपति महात्मा ज्यातिबाफूले रूहेलखण्ड विष्वविद्यलाय,बरेली द्वारा फीता काटकर किया गया। उसके पश्चात कुलपति द्वारा गोष्ठी मे लगे स्टालों का निरीक्षण कर जानकारी ली गई। गोष्ठी मे लगभग 200-250 कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। गोष्ठी मे आए कृषकों को वैज्ञानिकों द्वारा उन्नतशील व वैज्ञानिक विधि से खेती करने के बारे मे जानकारी उपलब्ध कराई गई व उनके द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्तर देकर उनकी समस्या का निराकरण किया गया। उद्यान विभाग की हाईटेक वेजीटेबल नर्सरी पर उत्पादित पौधों की जानकारी धवल कुमार गुप्ता,प्रभारी द्वारा कृषकों को दी गई। गोष्ठी मे श्याम कुमार गुप्ता,उप निदेशक उद्यान,बरेली मण्डल,बरेली, जितेन्द्र कुमार,जिला उद्यान अधिकारी,बरेली द्वारा उद्यान विभाग मे संचालित योजनाओं के बारे मे विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
डा0उपेन्द्र बालियान,विभागाध्यक्ष,कृषि एवं प्रोद्योगिकी सकांय सभागार,महात्मा ज्यातिबाफूले रूहेलखण्ड विश्वविद्यलाय,बरेली द्वारा कृषकों को बागवानी मे वैज्ञानिक विधि से खेती हेतु जागरूक कर जानकारी प्रदान की गई। डा0रंजीत सिंह,विशय वस्तु विषेषज्ञ,कृषि विज्ञान केन्द्र,आई0वी0आर0आई0,बरेली द्वारा औद्यानिक फसलों मे कीट प्रबन्धन एवं रोगों के विषय मे तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। डा0शैलेन्द्र राजन,भूत पूर्व निदेशक,सी0आई0एस0एच0,रहमानखेडा, लखनऊ द्वारा कृषकों को आम,अमरूद की वैज्ञानिक खेती व फसल प्रबन्ध एवं आम व अमरूद के पुराने बागों के जीर्णोद्धारा सम्बन्धित जानकारी व कृषकों द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्तर दिया गया। सौरभ प्रधान,विशेषज्ञ,वी0एन0आर0,छत् तीसगढ, अनिल सहानी,प्रगतिशील कृषक व अन्य वैज्ञानिकों/ अधिकारियों द्वारा भी कृषकों को वैज्ञानिक विधि से खेती की जानकारी प्रदान की गई।अन्त मे गोष्ठी के मुख्य अतिथि द्वारा प्रगतिशील कृषकों का सम्मान किया गया एवं कृषकों के मध्य शाकभाजी बीज वितरण किया गया। जिला उद्यान अधिकारी,बरेली द्वारा धन्यवाद ज्ञापन देकर गोष्ठी का समापन किया गया।



