गाजियाबाद
मंडोला आवास विकास योजना को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज
लोनी विधायक और किसान नेताओं में बयानबाजी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : मंडोला आवास विकास योजना को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के बीच लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर की बयानबाज़ी से क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेताओं पर अधिकारियों से सांठगांठ कर प्लॉट लेने और रिश्वत लेने के आरोपों के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं किसान नेताओं ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए विधायक पर मानहानि का आरोप लगाया है। स्थानीय विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने आरोप लगाया है कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कुछ लोग किसानों के नाम पर धरना-प्रदर्शन कर अधिकारियों से मिलीभगत कर बड़े-बड़े प्लॉट हासिल कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि ये लोग मोटी रिश्वत लेकर फैसले कराने का काम करते हैं और लोनी के विकास में बाधा डाल रहे हैं। विधायक ने कहा कि हाल की घटना में पुलिस पर पत्थरबाजी के बाद हुए लाठीचार्ज में घायल लोगों की जिम्मेदारी भी इन्हीं तथाकथित किसान नेताओं की है।
विधायक ने इस पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से करने तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने किसानों को प्लॉट आवंटित किए हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि प्लॉट देने का आधार क्या था। दूसरी ओर, किसान नेता नीरज त्यागी ने विधायक के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों और सत्यता के इस प्रकार के आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि विधायक द्वारा बिना प्रमाण के लगाए गए आरोप मानहानि की श्रेणी में आते हैं नीरज त्यागी ने यह भी कहा कि मीरपुर हिंदू गांव में भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर आयोजित होने वाली महापंचायत में संभावित भारी भीड़ से घबराकर इस प्रकार के बयान लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर द्वारा दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक विभागीय आवंटन और कृषि भूमि के अभिलेख (खसरा-फर्द) के बीच के अंतर को समझे बिना बयानबाजी कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह बयान सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास है। विधायक के बयान के बाद क्षेत्र में इस
मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है और दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण में क्या रुख अपनाता है और क्या किसी स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू होती है।


