
378 वर्षों की परम्परा निभाते हुए सूरजगढ़ का निशान बाबा श्याम के शिखरबंध पर चढ़ा —
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खाटू श्याम जी। सीकर जिले के खाटूश्यामजी कस्बे की प्रसिद्ध धार्मिक नगरी खाटूधाम में चल रहे बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले के दौरान द्वादशी को सूरजगढ़ का 378वां ऐतिहासिक निशान विधि-विधान के साथ बाबा श्याम के शिखरबंध पर चढ़ाया गया। यह परम्परा पिछले 378 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है जो खाटू धाम की धार्मिक आस्था और परम्पराओं का प्रतीक मानी जाती है। लाखों निशानों के बीच केवल एकमात्र सूरजगढ़ का निशान ही बाबा श्याम के शिखर पर चढ़ाया जाता है, जो वर्षभर शिखर पर लहराता रहता है। निशान पदयात्रा के दौरान सूरजगढ़ से निकले श्रद्धालु नाचते-गाते, भजनों की गूंज के साथ खाटू धाम पहुंचते और द्वादशी को निशान चढ़ाते हैं।बाबा श्याम के जयकारों से नगरी गूंज उठी।पैदल ही निशान पदयात्रा करते हैं और निशान चढ़ाने के पश्चात सूरजगढ़ का यह जत्था ही ऐसा एकमात्र जत्था होता है जो परम्परा अनुसार पैदल ही वापस सूरजगढ़ के लिए प्रस्थान करता है। इस दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा का भाव देखने को मिला।आठ दिवसीय वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले का शनिवार को समापन हुआ। मेले के अंतिम दिन भी बाबा श्याम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और पूरा खाटू धाम भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आ रहा है।




