गाजियाबाद
मीरपुर हिन्दू में कूड़ा निस्तारण प्लांट के विरोध में महापंचायत
राकेश टिकैत खुद ट्रैक्टर चलाते हुए पंचायत में पहुंचे

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी क्षेत्र के मीरपुर हिन्दू गांव की भूमि पर प्रस्तावित कूड़ा निस्तारण प्लांट के विरोध में आज एक महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत भी शामिल हुए। राकेश टिकैत दोपहर लगभग 12:30 बजे पंचायत स्थल पर पहुंचे। क्षेत्र के सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों के साथ मंडोला विहार योजना तक उन्हें लेने पहुंचे, जहां से चौधरी राकेश टिकैत स्वयं ट्रैक्टर चलाकर पंचायत स्थल तक आए। पंचायत में उपस्थित सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कूड़ा निस्तारण प्लांट को मीरपुर हिन्दू की भूमि से हटाने की मांग दोहराई। ग्रामीणों ने कहा कि यह प्लांट क्षेत्र के पर्यावरण, जल स्रोतों और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। पंचायत के दौरान उपजिलाधिकारी लोनी, एसीपी लोनी तथा उपनगरायुक्त भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच लगभग एक घंटे तक विस्तृत पूर्वक वार्ता हुई। चर्चा के बाद इस बात पर सहमति बनी कि प्लांट की जांच के लिए एक संयुक्त समिति गठित की जाएगी। इस समिति में प्रदूषण नियंत्रण विभाग, पर्यावरण विभाग, जल संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय तथा प्लांट के निकट स्थित स्कूल के लिए आरक्षित भूमि को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त ग्रामीणों की ओर से भी एक अलग समिति बनाई जाएगी, जिसमें भारतीय किसान यूनियन का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। यह निर्णय लिया गया कि जब तक जांच समिति अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करती और ग्रामीणों की समिति के साथ वार्ताओं के माध्यम से कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक प्लांट से संबंधित किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच सहमति बनने के बाद पंचायत का समापन हुआ।
पंचायत में लोनी खादर क्षेत्र की अन्य गंभीर समस्याओं को भी उठाया गया। वक्ताओं ने बताया कि मंडोला विहार योजना से प्रभावित किसान वर्षों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, जिनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। साथ ही बागपत जिले से आने वाले बरसाती नाले में बागपत व खेकड़ा की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला जहरीला पानी नवादा, मीरपुर सहित कई गांवों और ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है, जिसकी निकासी के लिए अब तक कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

