
लखनऊ । अमेरिकी-इस्राइल हमलों के हिंद महासागर तक पहुंचने से देश की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। सरकार की चुप्पी पर विपक्ष सवाल उठा रहा है और स्पष्ट नीति की मांग कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को देश की जल, थल और वायु सीमाओं की सुरक्षा पर तुरंत अपना रुख साफ करना चाहिए।
अखिलेश यादव ने गुरुवार को अकाउंट से ट्ववीट किया। उन्होंने कहा, अमेरिकी-इस्राइल हमलों का हमारी सरहदों के करीब, हिंद महासागर तक पहुंचना देशवासियों के लिए चिंता का विषय है और इन अर्थों में बेहद चिंतनीय भी कि इस गंभीर विषय पर भाजपा सरकार ने अभूतपूर्व चुप्पी साध रखी है। स्पष्ट किया जाए कि इसे ह्यचुप्पीह्ण माना जाए या किसी विशेष भय के कारण इसे ह्यघिग्घी बंधनाह्ण माना जाए। भाजपा सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि उनके होंठ किसी ने सिल दिये हैं। जनता पूछ रही है कि आपका कौन सा पत्ता दबा है?
अमेरिकी-इजराइली हमलों का हमारी सरहदों के करीब, हिंद महासागर तक पहुँचना देशवासियों के लिए चिंता का विषय है और इन अर्थों में बेहद चिंतनीय भी कि इस गंभीर विषय पर भाजपा सरकार ने अभूतपूर्व चुप्पी साध रखी है। स्पष्ट किया जाए कि इसे चुप्पी माना जाए या किसी विशेष भय के कारण इसेङ्घ स्र्रू.३६्र३३ी१एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा होने के नाते ये देश की सरकार, विदेश मंत्रालय डिफेंस मिनिस्टरी का संयुक्त दायित्व बनता है कि उसे अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए, परंतु कई दिनों की प्रतीक्षा के बाद भी सरकार द्वारा मुंह न खोलने पर, इस वैश्विक मुद्दे पर विपक्ष को मजबूर होकर बोलना पड़ रहा है।
इस संकटकाल में सरकार आगे आए और देश की जल, थल, वायु सीमाओं की रक्षा सुनिश्चित करे। जो भाजपा सरकार कुछ कह भी नहीं रही है; वो करेगी क्या, ये सोचकर देशवासी परेशान हैं। भाजपा ने जनता का विश्वास खो दिया है। ऐसा लग रहा है कि देश में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है।
संसद सत्र में भी ऐसा कोई विवादास्पद विषय जरूर उठाएंगे
भाजपा सरकार अपनी नाकामियों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अस्पष्ट नीति अपनाने का तरीका ढूंढ रही है, जिससे लोग अटकलों में ही उलझे रहें। भाजपाई आगामी संसद सत्र में भी ऐसा कोई विवादास्पद विषय जरूर उठाएंगे, जिससे भाजपा सरकार की विफलताओं पर बात ही न हो सके। देश के लिए ये समय ह्यसरकार-शून्यताह्ण का काल है।



