वृंदावन में निर्माण पर कार्रवाई न करने पर फंसे विकास प्राधिकरण के अधिकारी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। वृंदावन में अवैध निर्माण को रोकने में विफल मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के अधिकारी फंस गए हैं। पीड़ित की शिकायत पर गौर ना करने और अवैध निर्माण को रोकने में नाकाम अधिकारियों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तलब किया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण में खलबली मची हुई है। वृंदावन के मथुरा रोड़ पर ब्रज हेल्थकेयर रिसर्च सेंटर के समीप कालोनी में निर्माणकर्ता द्वारा आठ अलग अलग प्लाटों को मिलाकर एक भवन का निर्माण कर लिया गया। इस निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी करने के साथ ही सैटबैक नहीं छोड़ा गया। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन द्वारा 2024 में मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से मामले की शिकायत करते हुए बताया कि निर्माणकर्ता ने उनकी ओर भी गलत निर्माण कर लिया है, बारिश के दौरान अस्पताल की ओर पानी आ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मानकों के विपतरीत आठ प्लाट को मिलाकर एक भवन बनाने की भी शिकायत की। कई बार लिखित और मौखिक शिकायतों के बाद भी मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के अधिकारी ध्यान नहीं रहे, उधर निर्माण चलता रहा। निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई ना होने पर ब्र्रज हेल्थकेयर द्वारा न्यायालय की शरण ली। बताया जा रहा है कि इलाहावाद उच्च न्यायालय ने मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण को नोटिस देते हुए अधिकारियों को तलब कर लिया। न्यायालय ने अधिकारियों से निर्माण संबधी जानकारी ली है। उच्च न्यायालय के रुख के बाद बीते दिनों मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मानकों के विपरीत हुए निर्माण को तोड़ने के लिए निर्माणकर्ता को आदेश दिए। प्राधिकरण के कड़े रुख के बाद निर्माणकर्ता ने कुछ हिस्से को हैमर से तोड़ भी दिया है। वहीं इसी दौरान निर्माणकर्ता ने उच्च न्यायालय की डबल बेंच में अपील दायर कर दी। न्यायालय ने स्थगन आदेश दे दिया है।-ब्रज हेल्थ केयर प्रबंधन की ओर से 2024 में उनके पास कालोनी में मानकों के विपरीत आठ प्लाट को एक कर भवन निर्माण की शिकायत की गई थी। समय पर शिकायत पर क्रियान्यवयन ना होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्राधिकरण को पक्ष रखने के लिए आशीष कुमार सिंह, सचिव मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण तीन सप्ताह का समय दिया है।


