धर्मसिद्धार्थ नगर

धुंधकारी व गौकर्ण की कथा सुन भावविभोर हुए श्रोता

डुमरियागंज नगर पंचायत के बैदौला श्रीमद् भागवत कथा में पहले दिन मौजूद रहे दर्शकों की भारी भीड़

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिद्धार्थनगर : डुमरियागंज नगर पंचायत के बैदौला चौराहा पर चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में पहले दिन बृहस्पतिवार शाम को अयोध्या धाम से पधारे कथावाचक प्रेम मूर्ति युवा संत सर्वेश जी महाराज ने भागवत कथा में गोकर्ण व धुंधकारी की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि आत्मदेव जी को दंडी स्वामी के वेश में साक्षात् नारायण मिलते हैं और एक फल का प्रसाद देते हैं जिसे धुंधली को खाने के लिए कहते हैं पर धुंधली ने नारायण के द्वारा दिए गए प्रसाद को ग्रहण न करके गाय को खिला दिया जिस गाय ने एक बच्चे को जन्म दिया जिसका कान गाय के कान जैसा था इसलिए उसे बच्चे का नाम रखा गया कथा को आगे गत देते हुए कथावाचक ने कहा कि गोकर्ण और धुंधली की बहन को एक बालक हुआ जो धुंधली को दे दी गई जिसका नाम धुंधकारी पड़ा धुंधकारी उत्पत्ति था गोकर्ण जी सज्जन एवं सुशील धार्मिक धुंधकारी के अत्याचार पापा चार से माता-पिता का देहावसान हो गया गोकर्ण जी महाराज गया चले गए और गया जी में जाकर के तपस्या प्रारंभ इधर धुंधकारी को वेश्याओं ने मार डाला जिससे धुंधकारी प्रेत बना और प्रेत बनने पर वह गोकर्ण जी को स्वप्न में बताया कि मैं प्रेत योनि में भटक रहा हूं मेरी मुक्ति कैसे होगी ने सूर्य देव से पूछा सूर्य देव ने कहा धुंधकारी के लिए भागवत का कथा का आयोजन करो तब गया जी में भागवत का आयोजन किया गया जी भागवत के सप्तम दिवस में धुंधकारी की मुक्ति हुई और विमान आया जिस पर वह बैठकर बैकुंठ हो गया भागवत कथा जो सुनता है उस का सारा पाप नष्ट हो जाता है इस दौरान कथा में यज्ञाचार्य उत्तम कृष्ण शास्त्री,मुख्य यजमान परमात्मा अग्रहरि,अरुण अग्रहरी, पवन अग्रहरि,आदि लोग मौजूद रहे
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