चरपोखरी भोजपुर में चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भोजपुर। स्थानीय प्रोजेक्ट बालिका+2 विद्यालय चरपोखरी भोजपुर के कला प्रेक्षागृह में सुरक्षित शनिवार गतिविधि के तहत चित्र संयोजित व प्रदर्शनी आयोजित किया गया। विषय रखा गया था आगजनी व विद्युत घात से बचाव का उपाय, छात्राओं ने चित्र सृजित कर एक कलात्मक माहौल बना दिया। तकरीबन 25 छात्राओं ने मिलकर चित्र व पोस्टर से एक जागरूकता संदेश देने की भरपूर कोशिश किया। इस अवसर पर प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार सिंह चित्रों का अवलोकन करते हुए छात्राओं को संबोधित करते हुए बोले यह एक सृजनात्मक जागरूकता हैं। सुरक्षित शनिवार गतिविधि व बचाव जागरूकता अभियान के तहत चित्र संयोजित करवाया गया है। निश्चित रूप से छात्राओं ने अपने मौलिक विचारों और सारगर्भित समझ के अनुसार सृजनशीलता को प्रदर्शित किया है,सामाज में साकारात्मक संदेश जाएगा। वहीं वरिष्ठ संगीत शिक्षक प्रमोद कुमार ने विषय के बारिकीयों को छात्राओं के सामने सहज अंदाज में रख एक बेहतर माहौल बनाया। श्री प्रमोद कुमार अपने संबोधन क्रम में बोले चित्र एक ससक्त अभिव्यक्ति का माध्यम है जहां छात्राएं अपने रंग ब्रस से ब्यक्त किया है। चित्र में आगजनी और बिजली के गलत प्रयोग से क्या क्या क्षति हो सकता है चित्रित किया गया है। सुरक्षित शनिवार कला गतिविधि के लिए होता है जहां समय समय पर छात्राओं से तरह तरह का शैक्षणिक रचनात्मक गतिविधियों को विद्यालय में संयोजित किया जाता है। पुरे आयोजन को संयोजित किया था चित्रकार कला शिक्षक रौशन राय ने। अपने संबोधन क्रम में शैक्षणिक कलात्मक गतिविधियों को विद्यालय नवाचार शिक्षा से जोड़ ढेरों रचनात्मक विषय को प्रभावी विचार रखा। मानव संघर्ष विषय संदर्भ पर बोलते हुए कहा कि आगजनी गांव कस्बों में अक्सर देखने को मिल जाता है। अगर हम जागरूक रहें तब जीवन के साथ घर संपति को भी इस भयावह अवसर पर खुद को सुरक्षित रखते हुए बचा पाएंगे। सम्मिलित छात्राओं में मुख्य आसमां खातून, रौशन प्रविण, अंजली सिंह, नंदनी कुमारी, रूचि कुमारी,किरण चौरसिया, खुशी कुमारी, अनामिका कुमारी , अंजुम अंसारी, खुशी कुमारी,सीधी कुमारी,सुरूची कुमारी, प्रिंसी कुमारी आदि छात्राओं ने अपने चित्रों में एक व्यापक संदेश के साथ कलात्मकता को संजोए रखा। निश्चित रूप से छात्राओं का उत्साह देखने लायक था जहां रंग और पेंसिल से खाका को मूर्त रूप दे रही थी।


