राजनीति

सिद्धारमैया ने पेश किया 4.48 लाख करोड़ का बजट

केंद्र पर लगाया राज्य के साथ अन्याय का आरोप

बंगलूरू : मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कर्नाटक का 4,48,004 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन और एआई कैंपस बनाने की घोषणा की गई।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को अपना 17वां बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार संघीय शासन व्यवस्था का पालन नहीं कर रही है। इस वजह से कर्नाटक के साथ अन्याय हो रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार विकास की ऐसी रणनीति अपना रही है, जिसमें जन कल्याण योजनाओं और बुनियादी ढांचे में निवेश के बीच संतुलन बनाया गया है।
देश के विकास में कर्नाटक सबसे आगे: सिद्धारमैया
उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह राज्य की मांगों के प्रति अधिक संवेदनशील बने। साल 2026-27 का बजट पेश करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक देश के विकास में सबसे आगे है। यह देश को सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले प्रमुख राज्यों में से एक है। उन्होंने जानकारी दी कि साल 2026-27 के लिए कुल खर्च 4,48,004 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। सिद्धारमैया के राजनीतिक करियर का यह 17वां बजट है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने क्या घोषणाएं कीं?
बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कई बड़ी घोषणाएं भी की हैं। उन्होंने बताया कि आईआईएससी, इसरो और कीओनिक्स मिलकर बैंगलोर रोबोटिक्स और एआई इनोवेशन जोन नाम का एक खास कैंपस बनाएंगे। यह कैंपस रोबोटिक्स और एआई तकनीक को बढ़ावा देगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने जानकारी दी की बच्चों में मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के बुरे असर को रोकने के लिए 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाई जाएगी। इस पाबंदी का मकसद मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल से बच्चों पर पड़ने वाले बुरे असर को रोकना है।
बंगलूरू को रहने के लिए दुनिया का सबसे बेहतर शहर बनाएंगे: सिद्धारमैया
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी सरकार मुख्य लक्ष्य बंगलूरू को दुनिया का सबसे अच्छा रहने लायक शहर बनाना है।
सिद्धारमैया ने बताया कि बंगलूरू में विकास कार्यों के लिए ग्रेटर बंगलूरू प्राधिकरण के तहत आने वाले पांच नगर निगम अपनी बैलेंसशीट के आधार पर नगर निगम बॉन्ड जारी करके संसाधन जुटाएंगे। उन्होंने कहा कि बंगलूरू केवल एक शहर नहीं बल्कि अनगिनत सपनों की धरती है। केम्पेगौड़ा के प्रशासन से लेकर आज के स्टार्टअप्स के दौर तक, इस शहर ने अपनी अलग पहचान बनाए रखी है। सरकार मुख्य उद्देश्य इस शहर को दुनिया का सबसे बेहतर रहने वाला शहर बनाना है।
उन्होंने बताया कि बंगलूरू के पांच नगर निगम क्षेत्रों में वार्ड की सड़कों और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कुल 1,255 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि लोगों को पारदर्शी, जनहितैषी और जवाबदेह प्रशासन देने के लिए ग्रेटर बंगलूरू प्राधिकरण और पांच नगर निगम बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि 2025-26 में राज्य सरकार ने बंगलूरू के विकास के लिए अनुदान 3,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7,000 करोड़ रुपये कर दियाथा और यह अनुदान इस साल भी जारी रहेगा।

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