जालौन
पंचनद संगम पर रंगोत्सव एवं लोक संगीत फाग गायन ने मचाया धमाल
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
जगम्मनपुर (जालौन)। जनपद के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पंचनद संगम पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में रंगोत्सव एवं लोक संगीत फाग गायन कार्यक्रम हर्षोल्लास एवं पारंपरिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के लोक कलाकारों ने पारंपरिक फाग गीतों की प्रस्तुति देकर होली के उल्लास को जीवंत कर दिया।
पांच नदियों के पावन संगम स्थल पंचनद धाम (जगम्मनपुर) में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय कलाकार, साहित्य प्रेमी तथा गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री बाबा साहब मंदिर के महंत श्री सुमेरवन के आशीर्वचन के साथ हुआ। इस अवसर पर दिगम्बर तिवारी राष्ट्रीय संगठन महामंत्री, कलार्पण संस्था, महेश पांडे ‘बजरंग’ प्रदेश महामंत्री, अखिल भारतीय साहित्य परिषद, विजय द्विवेदी ‘पत्रकार’ (कार्यक्रम संयोजक), भीमसेन यादव, महेश यादव भिटौरा, प्रज्ञादीप गौतम प्रधान जगम्मनपुर, ओमप्रकाश तिवारी पत्रकार, अमित बादल हरौली, श्यामजी यादव एडवोकेट उरई, सत्येंद्र यादव, मुन्ना दोहरे सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित अतिथियों, फाग गायकों तथा सभी सम्मानित लोगों का तिलक, माल्यार्पण एवं पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इसके बाद सभी ने अबीर-गुलाल की होली खेलते हुए एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। रंगों और संगीत के इस संगम ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक फाग गीतों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। फाग गायकों ने ब्रज एवं बुंदेली लोक परंपरा से जुड़े गीतों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रोताओं ने भी खूब आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान पंचनद संगम का पावन वातावरण रंगों और लोक संगीत की मधुर धुनों से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी फाग गायकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी लोक परंपराओं को जीवित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं और समाज में आपसी भाईचारे एवं सौहार्द का संदेश देते हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन अखिल भारतीय साहित्य परिषद जालौन के जिला प्रभारी अश्विनी मिश्र ‘आकाश’ ने किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, कलाकारों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया।


