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कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव अमान्य घोषित

हाई कोर्ट के आदेश के बाद रामनिवास रावत होंगे नए MLA

ग्वालियर । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया गया है। पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने याचिका दायर की थी। इस याचिका में मुकेश मल्होत्रा पर चुनावी हलफनामे में आपराधिक रिकार्ड की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी और तथ्यों को छिपाने को सही माना।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका पर बड़ा फैसला सुनाया है। २ लंबित आपराधिक मामलों में आरोप तय होने की जानकारी छिपाई और आरोपों की प्रकृति भी गलत बताई। अदालत के अनुसार यह आचरण मतदाताओं को गुमराह करने वाला है। वहीं मुकेश मल्होत्रा ने कार्यकाल शून्य घोषित किए जाने के बाद कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और न्याय की गुहार लगाएंगे। कांग्रेस नेता और वकील विवेक तन्खा ने कहा कि हम इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। हमने कोर्ट से निवेदन किया है कि सिर्फ कुछ जानकारी गलत दी गई, इसका मतलब यह नहीं है कि चुनाव में धांधली हुई थी। हमें भरोसा है कि मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलेगी।
उपचुनाव में 7364 मतों से जीते मुकेश-बता दें कि विजयपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव हुए थे। यहां से विधायक रामनिवास रावत ने कांग्रेस छोड़ने के बाद विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद उपचुनाव में भाजपा ने रामनिवास रावत को प्रत्याशी बनाया था। वहीं कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा पर दांव खेला था। पर चुनाव में रामनिवास रावत को हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा 7364 मतों से चुनाव जीत गए थे। इसके बाद रावत ने मुकेश पर गलत हलफनामा पेश करने का आरोप लगाकर कोर्ट की शरण ली थी।
मुकेश ने छोड़ी थी भाजपा-बता दें कि ंपूर्व राज्यमंत्री और आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा ने 2 मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। उन्होंने मुरैना जिले में आयोजित प्रियंका गांधी की चुनावी सभा में सदस्यता ली थी। विधानसभा चुनावझ्र2023 में मुकेश मल्होत्रा विजयपुर सीट से निर्दलीय मैदान में उतरे थे, तब पूरे क्षेत्र के आदिवासियों ने उनका साथ दिया था। उन्हें 45 हजार वोट मिले थे। मुकेश विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पहले में भाजपा में थे,
तब सरकार ने उन्हें सहारिया प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया था। दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बनाया था। विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने 2023 के चुनाव से पहले भाजपा का साथ छोड़ दिया था।

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