सिंगरौली
सासन पावर लिमिटेड में राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह का समापन
सुरक्षा को सर्वोपरि रखने का दिया गया संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। सासन पावर लिमिटेड (रिलायंस) में राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह 2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों का समापन 12 मार्च को उत्साहपूर्ण और गरिमामय वातावरण में किया गया। इस अवसर पर कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर कार्यस्थल पर सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और श्रमिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करना रहा। सुरक्षा सप्ताह के दौरान पोस्टर, स्लोगन और क्विज (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसके साथ ही क्लोरीन गैस लीकेज को नियंत्रित करने की प्रक्रिया पर आधारित प्रतियोगिता, एससीबीए सेट प्रतियोगिता तथा मास सेफ्टी रैली भी आयोजित की गई।
सुरक्षा रैली को कंपनी के सीईओ एवं स्टेशन डायरेक्टर द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रैली में लगभग 1000 से अधिक कर्मचारियों और श्रमिकों ने भाग लिया और प्लांट परिसर में सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
इस अवसर पर सासन पावर लिमिटेड के सीईओ सचिन मोहनापात्रा ने अपने संबोधन में कहा कि सभी कर्मचारियों को “जीरो इंसिडेंट” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले कार्यस्थल पर मौजूद कर्मचारियों के साथ चर्चा करना और निर्धारित एसओपी का पालन करना आवश्यक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रसून चक्रवर्ती ने कार्यस्थल पर सुरक्षित कार्य संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया और कर्मचारियों को ‘नियर मिस’ घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए प्रोत्साहित किया।
वहीं हेड सेफ्टी, एनवायरनमेंट एवं हॉर्टिकल्चर जितेंद्र प्रसाद ने अपने संबोधन में हैजर्ड आइडेंटिफिकेशन एंड रिस्क असेसमेंट के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों को मिलकर कार्य करना चाहिए, ताकि मानव, मशीन और प्लांट को किसी भी प्रकार की क्षति से बचाते हुए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में सप्ताह भर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा पुरस्कृत किया गया। साथ ही सभी कर्मचारियों और श्रमिकों से सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए ‘शून्य दुर्घटना’ के लक्ष्य को प्राप्त करने का आह्वान किया गया।



