हजारीबाग
हजारीबाग में रजिस्टर्ड 48379 वाहनों पर ₹150 करोड़ रोड टैक्स है बकाया।
1560 ट्रक ट्रेलर मालिकों ने 80 और 740 बस मालिकों ने 4 करोड़ नहीं दिया है रोड टैक्सम

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
हजारीबाग डीटीओ कार्यालय से रजिस्टर्ड 603155 वाहनों में 48379 वाहन के मालिक डीटीओ कार्यालय के दस्तावेज में डिफाल्टर हैं। जिन्होंने रोड टैक्स का भुगतान नहीं किया है। इससे सरकार के खजाने में जाने वाले डेढ़ सौ करोड़ राजस्व की राशि स्थिर हो गया है। इनमें ट्रक ट्रेलर बस और छोटी बड़ी व्यावसायिक वाहन के मालिक शामिल हैं। यह राशि लंबे समय से लंबित हैं। इसके अतिरिक्त डेढ़ हजार से अधिक वाहन ऐसे हैं जो अब कबाड़ भी हो गए लेकिन उनका टैक्स का भुगतान नहीं हुआ। अब परिवहन विभाग के पास राजस्व कलेक्शन का फाइनेंशियल ईयर का सिर्फ एक माह बाकी है। इसको लेकर डीटीओ कार्यालय ने इस लंबित रोड टैक्स को वसूल करने के लिए रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। हजारीबाग परिवहन विभाग ने बताया कि जिले में सभी तरह के 6 लाख 30155 वहां रजिस्टर्ड हैं जिसमें 48 369 वाहनों का रोड टैक्स लंबे समय से बकाया है। इनमें ट्रक 1564 मालिकों के पास 80 करोड़ बकाया है। वहीं 740 बस मालिकों के पास चार करोड़ बकाया है। जबकि 400 से अधिक ट्रेलर संचालकों के पास तीन करोड़ बकाया है। वहीं तीन पहिया ऑटो व टोटो के संचालकों ने अबतक 30 लाख रूपए मोटर व्हीकल टैक्स जमा नहीं किया है। श्री व्हीकल (गुड्स कैरियर) मालवाहक व पैसेंजर ढोने वाले वाहन संचालकों के पास 39 लाख टैक्स बकाया है। कमर्शियल के अलावा निजी वाहन का भी टैक्स बाकी है। इस प्रकार डेढ़ सौ करोड़ से अधिक रोड टैक्स वाहन मालिकों के पास बकाया है। सभी हजारीबाग परिवहन कार्यालय से रजिस्टर्ड हैं। वंही डीटीओ बैजनाथ कामती ने कहा की वाहन मालिकों के घर तक नोटिस भिजवाया जाएगा। इस बार परिवहन विभाग ने इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए उक्त सभी डिफॉल्टरों का सूची तैयार किया है। कहा है कि डिफॉल्टरों की सूची तैयार कर ली गई है। कुछ मालिकों का डिटेल पहचान किया जा रहा है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही होली के बाद वाहन मालिकों के घर तक नोटिस भिजवाया जाएगा। जिसमें एक सप्ताह के भीतर वाहन स्वामियों से अपने-अपने टैक्स की राशि जमा करने को कहा जाएगा। जिला परिवहन विभाग ने कड़ा रूख अपनाते हुए कहा कि समय पर टैक्स की राशि जमा नहीं करने वाले वाहन स्वामियों पर सर्टिफिकेट केस दर्ज होगा। इसमें पहले वारंट और फिर कुर्की की कार्रवाई होगी। वाहन सीज होंगे। ओर कॉमर्शियल के अलावा प्राइवेट गाड़ियां भी इनमें शामिल हैं। और फाइनेंशियल वर्ष समाप्ति की ओर है। कई प्रयास के बाद भी बड़ी संख्या में गाड़ी मालिकों ने अपने-अपने वाहनों की टैक्स राशि समय पर जमा नहीं किया है। इसमें कॉमर्शियल के अलावा प्राइवेट गाड़ियां भी शामिल हैं। कहां की एक सप्ताह के भीतर इन डिफॉल्टरों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगा। पहले नोटिस फिर सर्टिफिकेट केश फिर कुर्की जब्ती और अंत में वाहनों का सीजिंग की कार्रवाई होगी। डिफॉल्टरों के नाम भी सार्वजनिक होंगे। टैक्स जमा करने के लिए नोटिस के माध्यम से अधिकतम एक सप्ताह की मोहलत मिलेगी। फाइनेंशियल ईयर के अंत तक रिकवरी होगी।



