ललितपुर
नन्हे हाथों की कूची से संवरे गौरैया के घर
मिशन बेटियां और मानव ऑर्गेनाइजेशन ने आयोजित की कार्यशाला

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। विलुप्त होती गौरैया को बचाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से आज मिशन बेटियां कार्यालय पर एक विशेष गौरैया बचाओ अभियान कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मिशन बेटियां और मानव ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें बच्चों और समाज सेवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कला के माध्यम से संरक्षण का संदेश कार्यशाला की संयोजिका उर्वशी साहू के कुशल निर्देशन में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी छोटी-छोटी कूचियों (ब्रश) और रंगों के माध्यम से गौरैया के कृत्रिम आवासों को बेहद खूबसूरती से सजाया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रकृति से जोडऩा और उन्हें गौरैया संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। विशेषज्ञों का संबोधन कार्यक्रम के दौरान मानव ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक और प्रख्यात पर्यावरणविद् पुष्पेन्द्र सिंह चौहान ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि गौरैया हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का एक अभिन्न हिस्सा है। वहीं डा.राजीव निरंजन ने बढ़ते शहरीकरण के बीच इन पक्षियों के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मान समारोह पर्यावरण और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान के लिए संस्था के संस्थापक सदस्य बलराम कुशवाहा ने कार्यक्रम संयोजिका उर्वशी साहू को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान समाज के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से डा.विकास गुप्ता जीत, रुचि शर्मा, संध्या कुमारी निवेदिता, लशीता साहू, मन्या, रेखा वर्मा, रक्षिता मोदी, रचिता मोदी, प्रीति पवार, दुर्गा रानी गुप्ता, स्वास्ति सरावगी, रुद्रिका सरावगी, विनय पाल, सोनाली शुक्ला और वीरेश पाठक मौजूद रहीं।। कार्यशाला के अंत में सभी उपस्थित जनों ने यह संकल्प लिया कि वह अपने घरों के आसपास गौरैया के लिए दाना-पानी और कृत्रिम घोंसलों की व्यवस्था करेंगे ताकि इस नन्ही चिडिय़ा का अस्तित्व बचाया जा सके।