बरेली
पर्वतीय रामलीला में दिखेगी संस्कृति, संस्कार और नई पीढ़ी की प्रतिभा
स्थानीय बच्चों के साथ लड़कियां निभाएंगी अहम किरदार, 14 से 21 अक्टूबर तक मंचन, 20 को होगा दशहरा मेला

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। पर्वतीय समाज की रामलीला इस बार धर्म, संस्कृति और नई पीढ़ी की प्रतिभा का संगम होगी। भगवान श्रीराम और माता सीता के आदर्शों के साथ पर्वतीय संस्कृति की झलक मंच पर दिखेगी।
इस बार की खास बात है कि स्थानीय बच्चों के साथ लड़कियां भी विभिन्न पात्रों के रूप में मंच पर प्रतिभा दिखाएंगी।
अध्यक्ष देवेंद्र सिंह दियोलिया ने कहा कि रामलीला संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है, लड़कियों की भागीदारी उत्साहवर्धक है। महासचिव डॉ. नरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि उद्देश्य बच्चों को श्रीराम के आदर्शों और अपनी परंपरा से जोड़ना है। वरिष्ठ सलाहकार कुंवर सिंह बिष्ट ने कहा कि मंचन से नई पीढ़ी को सत्य, मर्यादा और त्याग की सीख मिलेगी। निदेशक उमेश बिनवाल और आनंद सिंह मेहता ने कहा कि मंचन में पर्वतीय वेशभूषा और लोक संस्कृति को विशेष स्थान दिया गया है। रामलीला 14 से 21 अक्टूबर तक चलेगी। रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण के पुतलों का दहन 20 अक्टूबर को भव्य दशहरा मेले में होगा, जो दोपहर 2 बजे से देर रात तक चलेगा और आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र होगी।




