मथुरा

चार सड़कों की अड़चन हटाने को पीडब्ल्यूडी के अभियंता जबाव देने में जुटे

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी (सीएसी) द्वारा पीडब्ल्यूडी की की चार महत्वपूर्ण सड़कों के चौड़ीकरण की राह में पर्यावरणीय अड़चनें लगाने के बाद जिले के अधिकारी को दूर करने की तैयारियों में जुट गए हैं। एनजीटी की सीएसी ने इन सड़कों के लिए पेड़ कटान की मंजूरी देने से पहले पीडब्ल्यूडी से पूरा ब्यौरा तलब किया है। सुनवाई में कमेटी ने स्पष्ट किया कि नक्शे पर सड़क की मौजूदा चौड़ाई, प्रस्तावित विस्तार और इसकी जद में आने वाले पेड़ों की संख्या बताने के निर्देश दिए थे। अब इन आपत्तियों दूर करने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता गुलवीर सिंह ने सुनवाई के दौरान चारों सड़कों से संबंधित रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। इसमें वन विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों की मदद ली जा रही है। आपत्तियों के निस्तारण को जबाव देने के लिए फिलाहल एनजीटी ने तारीख तय नहीं की है। जब एनजीटी की सीएसी तारीख का निर्धारण करेगी तब पीडब्ल्यूडी के अभियंता अपना जबाव प्रभावी ढंग से अपने अधिवक्ता के माध्यम से रखेंगे।बतादें कि पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड की दो सड़कों में फरह-सौंख मार्ग और बरसाना-ऊंचागांव-सुनहरा मार्ग, निर्माण खंड-प्रथम की पागल बाबा से यमुना एक्सप्रेसवे सर्विस रोड और चिंताहरण से ब्रह्मांड घाट, मथुरा मार्ग भी प्रस्तावित चौड़ीकरण की सूची में शामिल हैं। एक्सईएन गुलवीर सिंह ने बताया कि प्रांतीय खंड की दो और निर्माण खंड-प्रथम की दो सड़कें कुल चार सड़कों पर एनजीटी से आई आपत्तियों के संबंध में सड़कों का विस्तृत ले-आउट प्लान और पेड़ों की गणना के साथ दोबारा रिपोर्ट तैयार करके एनजीटी में दाखिल कराई जाएगी। सूत्रों का कहना है दो सप्ताह बाद एनजीटी पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं को जबाव दाखिल करने के लिए बुला सकता है।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button