सिंगरौली
नगर निगम परिषद की बैठक में महापौर और आयुक्त के बीच हुई तीखी बहस !

“विकास की फाइलों पर ब्रेक लगाने का खेल पुराना है,
पर जब सदन में ही आयुक्त ने खोल दिया कच्चा चिट्ठा,
तो मेयर साहिबा की मंशा पर उठ खड़ा हुआ कई सवाल है..!
नगर निगम परिषद की बैठक में जबरदस्त हंगामा! विकास कार्यों की नस्ती रोकने पर महापौर पर उठे गंभीर सवाल, निगम आयुक्त ने खोला मोर्चा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली : नगर पालिक निगम सिंगरौली की परिषद बैठक में उस समय सन्नाटा खिंच गया और माहौल गरमा गया, जब महापौर और निगम आयुक्त के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बैठक में महापौर द्वारा आरोप लगाया गया कि उनके अनुमोदन के बिना ही एजेंडे को परिषद की बैठक में शामिल कर लिया गया।
इस पर निगम आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे सदन के सामने स्पष्ट कहा कि मेयर की नीयत ही शहर के विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने और हर फाइल को रोकने की रही है। आयुक्त ने कहा कि हर नस्ती (फाइल) में एक ही भाषा और शब्द लिखकर विकास के प्रस्तावों को अटकाया जाता है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि महापौर द्वारा रोकी गई नस्तियों को वे पूरे सदन के सामने सार्वजनिक कर सकती हैं।
जनता के तीखे सवाल:
विकास पर ब्रेक क्यों?: क्या शहर के विकास कार्यों और जनता से जुड़ी परियोजनाओं की फाइलों को रोकना ही जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता बन गया है?
अधिकारियों बनाम महापौर की तकरार: आयुक्त द्वारा सार्वजनिक रूप से लगाए गए इन आरोपों के बाद निगम प्रशासन और महापौर के बीच की खींचतान खुलकर सामने आ गई है।जनता के पैसों की बर्बादी परिषद की बैठकों में शहर के विकास पर ठोस चर्चा होने के बजाय हर बार आरोप-प्रत्यारोप और खींचतान में ही समय बर्बाद हो जाता है।



