
नई दिल्ली । देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में एक प्रेरणादायक और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 में देश का नाम रोशन करने वाले भारतीय खेल दल से आत्मीय मुलाकात की। इस विशेष अवसर पर खेल जगत की कई महान हस्तियों के साथ-साथ रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने खिलाड़ियों को संबोधित करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि पिछले कुछ वर्षों में देश के खेल परिदृश्य में अभूतपूर्व और सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।
खेल मंत्री ने प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व के कारण ही आज देश के युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खुले हैं। ‘खेलो इंडिया’ जैसे राष्ट्रीय आंदोलनों और पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि आज सरकार, नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन पूरी एकजुटता के साथ कदम से कदम मिलाकर देश के खेल ढांचे को मजबूत कर रहे हैं।
भारतीय दल के आंकड़े और ऐतिहासिक उपलब्धियां-मनसुख मांडविया ने एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के शानदार सफर और आंकड़ों को साझा करते हुए कई उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
युवा प्रतिभाओं की भागीदारी: इस महाकुंभ में भारत की तरफ से कुल 501 खिलाड़ियों के सबसे बड़े दलों में से 310 खिलाड़ी ऐसे थे जो पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे थे। इनमें से 41 नए खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है।
रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन: भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत के दम पर कुल 7 नेशनल रिकॉर्ड, 6 एशियन रिकॉर्ड और 1 वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराया। खेल मंत्री ने रेखांकित किया कि पिछले 12 वर्षों में एशियाड के इतिहास में भारत ने अपने तीन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किए हैं, जो प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व का ही प्रत्यक्ष परिणाम है।
क्रिकेट और हॉकी टीमों द्वारा विशेष भेंट-इस गरिमामयी मुलाकात के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना सम्मान प्रकट किया। भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने पीएम मोदी को अपनी आधिकारिक जर्सी भेंट की। इसके साथ ही, भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने भी प्रधानमंत्री को विशेष तौर पर अपनी जर्सी और हॉकी स्टिक भेंट की। इस पूरे संवाद सत्र में खिलाड़ियों के अलावा उनके कोच और सहयोगी स्टाफ (सपोर्ट स्टाफ) ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे पूरे स्टेडियम का माहौल ऊजार्वान और उत्साह से भर गया।



