
लखनऊ : समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर वोट चोरी व मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी का जनसमर्थन घट रहा है, जबकि सपा का पीडीए गठबंधन लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने चुनावी गड़बड़ी उजागर करने के लिए पीडीए प्रहरियों की भी सराहना की।
15 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर वोट चोरी करने और चुनावी धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इखढ का जनसमर्थन घट रहा है, जबकि समाजवादी पार्टी का गठबंधन लगातार मजबूत हो रहा है। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, यादव ने लोगों को “दर्द, दुख और अपमान” देने का आरोप लगाया। इसके विपरीत, उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी प्यार, दया और एकता के जरिए लोगों को जोड़ने का काम कर रही है।
सपा नेता ने कहा कि क्या मुख्यमंत्री खुद अपने टिकट तय कर सकते हैं? तो फिर धोखा किसके साथ हुआ?… भाजपाइयों की टंकी फूटेगी। और उनके लिए कल बड़े-बड़े मटके मंगवाए जाएंगे। इखढ ने वोट चुराए हैं और न जाने क्या-क्या किया है। इसे धोना पड़ेगा। 9.5 साल बाद, आपको आना होगा और इसे धोना होगा। कोई मटका नहीं, बल्कि एक टंकी—एक बहुत बड़ी टंकी। वे हारने वाले हैं। ये लोग दर्द और दुख दे रहे हैं, अपमान कर रहे हैं; वहीं दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी लोगों को प्यार, दया और एकता के सूत्र में पिरोने का काम कर रही है।
यादव ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और भारत निर्वाचन आयोग मतदाता सूची में हेरफेर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने भाजपा, चुनाव आयोग और प्रशासन द्वारा कथित तौर पर मतदाता सूची में हेरफेर और चुनावी गड़बड़ी को उजागर करने के लिए समाजवादी पार्टी के ‘ढऊअ प्रहरियों’ के काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि समाजवादी पार्टी के ‘ढऊअ प्रहरियों’ ने समय-समय पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा वोटों की कथित चोरी, चुनाव आयोग की चुनावी गड़बड़ियों और प्रशासन के जरिए पूरी प्रक्रिया में हेरफेर करने की कोशिशों को उजागर किया है। उन्होंने ऐसी गतिविधियों को रोकने और सामने लाने में मदद की है।
यादव ने जोर देकर कहा कि पार्टी का पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने इस बढ़ोतरी का कारण जनता की बढ़ती तकलीफों और अपमान को बताया। उन्होंने आगे कहा कि मुझे खुशी है कि समाजवादी परिवार, यानी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) परिवार लगातार बढ़ रहा है। जहाँ भी तकलीफ, दुख और अपमान है—और जैसे-जैसे ये बढ़ते हैं—वैसे-वैसे और भी लोग ढऊअ परिवार से जुड़ते जाते हैं, जिससे यह और बड़ा होता जाता है। ढऊअ आगे बढ़ता रहेगा। जो लोग ढऊअ को रोकने की कोशिश करेंगे, वे ऐसा नहीं कर पाएंगे।



