खैरथल

उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण मंडल से सहमति प्राप्त करने के लिए विशेष छूट योजना 31 दिसंबर 2026 तक लागू

बिना वैध सहमति संचालित उद्योगों को मिलेगी बैक पीरियड फीस से एकमुश्त राहत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल-तिजारा। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष छूट योजना (स्पेशल डिस्पेंसेशन स्कीम) लागू की है। इस योजना के तहत ऐसे उद्योगों, प्रक्रियाओं, परियोजनाओं एवं गतिविधियों को सहमति प्राप्त करने का अवसर दिया गया है, जो स्थापित हो चुके हैं अथवा संचालित हैं, लेकिन उन्होंने राज्य मंडल से पहली बार सहमति प्राप्त नहीं की है। यह योजना आदेश जारी होने की तिथि से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
योजना के तहत पात्र उद्योगों एवं परियोजनाओं को जल अधिनियम, 1974 और/या वायु अधिनियम, 1981 के अंतर्गत प्रचलित प्रक्रिया एवं निर्धारित शुल्क के अनुसार सहमति के लिए आवेदन करना होगा। एकमुश्त छूट के रूप में, बिना सहमति के पूर्व में संचालन की अवधि के लिए बैक पीरियड फीस जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
*लंबित आवेदन भी होंगे योजना में शामिल*
मंडल के अनुसार, योजना का लाभ उन उद्योगों, प्रक्रियाओं, परियोजनाओं एवं गतिविधियों को भी मिलेगा, जिन्होंने पहले ही सहमति के लिए आवेदन कर रखा है और जिनके आवेदन राज्य मंडल के पास लंबित हैं। ऐसे आवेदनों पर आवेदन की तिथि का कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। हालांकि, राज्य मंडल द्वारा पूर्व में निस्तारित किए जा चुके आवेदनों के मामलों में बैक पीरियड फीस की वापसी का लाभ नहीं मिलेगा।
*पूर्व उल्लंघनों पर कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित*
मंडल ने स्पष्ट किया है कि विशेष छूट योजना के तहत राहत दिए जाने के बावजूद पूर्व में किए गए उल्लंघनों के संबंध में प्रचलित अधिनियमों एवं नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार राज्य मंडल के पास सुरक्षित रहेगा।
यह योजना राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में लंबित अपील संख्या 08/2026, ताहिर हुसैन बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य के अंतिम निर्णय तथा विशेष छूट योजना से संबंधित सक्षम न्यायालयों द्वारा पारित अन्य निर्णयों के अधीन रहेगी।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की इस पहल का उद्देश्य पात्र उद्योगों एवं परियोजनाओं को निर्धारित पर्यावरणीय प्रावधानों के अनुरूप सहमति प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
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