ललितपुर
केवट ने प्रभु श्रीराम के चरण पखारकर खुद को माना धन्य, भरत मिलाप देख नम हुईं आंखें
श्री लक्ष्मीनृसिंह रामलीला के आठवें दिन केवट संवाद, दशरथ मरण और भरत मिलाप का भावपूर्ण मंचन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। तालाबपुरा स्थित श्रीलक्ष्मीनृसिंह रामलीला के आठवें दिन केवट संवाद, राजा दशरथ मरण और भरत मिलाप की लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया। वृंदावन से आए श्रीकिशोरी रासलीला एवं रामलीला संस्थान के कलाकारों ने संस्थापक स्वामी ओमप्रकाश के नेतृत्व में सजीव अभिनय कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। लीला में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के गंगा तट पर पहुंचने का प्रसंग दिखाया गया। केवट ने प्रभु श्रीराम के चरण पखारकर स्वयं को धन्य माना। इस दृश्य ने श्रद्धालुओं को भक्ति, समर्पण और निष्काम प्रेम का संदेश दिया। इसके बाद पुत्र वियोग में राजा दशरथ के प्राण त्यागने के मार्मिक प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। भरत मिलाप की लीला आकर्षण का केंद्र रही। भगवान श्रीराम और भरत के मिलन का दृश्य देखकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कलाकारों ने भाईचारे, त्याग, मर्यादा और पारिवारिक प्रेम का संदेश दिया। इस दौरान महंत गंगादास महाराज, महंत रामलखन महाराज, नारायण दास महाराज, रामलीला समिति अध्यक्ष राजीव बबेले, मुन्नालाल जैन, प्रदीप चौबे, पूर्व नपाध्यक्ष सुभाष जायसवाल, मीडिया प्रभारी पंकज रैकवार सहित समिति के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।



