जुबिन गर्ग की न्याय मांग को नई जोर
अखिल गोगोई के नेतृत्व में 21 सदस्यों की समिति गठित, गरिमा सैकिया ने राजनीतिकरण से किया परहेज़ का अनुरोध।

असम : सिंगापुर में असम के लोकप्रिय संगीतकार जुबिन गर्ग की मृत्यु से जुड़ी जांच के आरोपियों में से दो को जमानत मिलने के बाद शनिवार को सोनापुर स्थित जुबिन खेत में आयोजित सार्वजनिक सभा ने मामले में कार्रवाई तेज करने का संकल्प लिया। सभा में 21 सदस्यों की एक आह्वयन समिति गठित की गई, जिसका नेतृत्व शिबसागर से विधायक और राईजर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई कर रहे हैं। सभा का आयोजन चित्रकार मार्शल बरुआ और स्थानीय पदाधिकारियों के आह्वान पर हुआ। सभा में सम्मति से लिए गए तीन मुख्य निर्णयों के अंतर्गत पहला, घटना के संबंध में जल्द से जल्द एक विस्तृत शिकायत-पत्र (एफआईआर/एडवांस्ड पिटीशन) दायर कर दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग के लिए सरकार पर दबाव बनाना होगा। दूसरा, जमानत प्रदान करने के निर्णयों को न्यायिक प्रक्रिया से चुनौती देकर रद्द कराने का प्रयास किया जाएगा और जेल में अन्य आरोपियों के खिलाफ जमानत विरोधी दावों का समर्थन किया जाएगा। तीसरा, कानूनी लड़ाई के साथ-साथ अदालत के बाहर भी जागरूकता अभियानों के जरिए जनजागरण जारी रखा जाएगा। सभा ने यह भी निर्णय लिया कि दुलू अहमद के नेतृत्व में वरिष्ठ स्वतंत्र वकीलों की एक विशेष कानूनी कोश बनाएगी जो मामले के विधिक पहलुओं का गहन परीक्षण करेगी और आगे की कानूनी रणनीति तय करेगी। अखिल गोगोई ने कहा कि नई समिति का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक जागरूकता और कानूनी कार्रवाई के बीच समन्वय करना है ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।जुबिन की पत्नी गरिमा सैकिया ने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी न्याय की मांग करने वाले आंदोलनों का समर्थन किया है, लेकिन साथ ही उन्होंने इस मुद्दे को राजनीतिकरण न करने का आग्रह भी किया। गरिमा ने बताया कि पारिवारिक धार्मिक अनुष्ठानों के कारण वे सोनापुर सभा में उपस्थित नहीं हो सकीं, और उनका एकमात्र उद्देश्य केवल न्याय प्राप्त करना है। बता दें कि सितंबर 2025 में सिंगापुर में निधन के बाद मामले की जांच के लिए बनाए गए विशेष जांच दल ने प्राथमिकी में सात नामजद आरोपियों का समावेश किया था। हाल के दिनों में इनमें से गायिका अमृतप्रभा महंत तथा जुबिन के संबंधित भाई व असम पुलिस के निलंबित उप-आरक्षी अधिकारी संदीपन गर्ग को गुवाहाटी उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। इन जमानतों के बाद परिवार और समर्थक न्याय प्रक्रिया को तेज करने के लिए सक्रिय हुए हैं; नई 21 सदस्यीय आह्वयन समिति आने वाले दिनों में प्रस्तावित कानूनी कदमों को आगे बढ़ाएगी।


