नशे के खिलाफ एकजुट हुए संत और समाजसेवी, कुरीतियों के उन्मूलन का लिया संकल्प
पंचलोक में बैठक के दौरान दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या और नशीले पदार्थों के बढ़ते दुष्प्रभावों पर हुई चर्चा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी विकास खंड के पचलोक में राजेश गहलोत के आवास पर नशामुक्त समाज के निर्माण और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। पूज्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 राघवदास महाराज एवं सुशील पुरी महाराज के सान्निध्य में सम्पन्न हुई बैठक में युवा पीढ़ी में नशीले पदार्थों के बढ़ते चलन पर चिंता जताते हुए जन-जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
बैठक में संतों ने कहा कि शराब, तंबाकू, गांजा, चरस और अन्य मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन पर गंभीर प्रभाव डालता है। नशे की लत युवाओं के भविष्य को प्रभावित करने के साथ आर्थिक परेशानियों और पारिवारिक तनाव का कारण भी बन सकती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए परिवार, समाज और सामाजिक संगठनों को मिलकर प्रयास करने होंगे।
डा ए के पंडित ने बैठक में दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या और जातिगत भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों पर भी अपने विचार व्यक्त किए। संतों ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए केवल चर्चा ही नहीं, बल्कि व्यवहार में सुधार और सामूहिक प्रयास भी आवश्यक हैं। गांवों और मोहल्लों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इन कुरीतियों के दुष्परिणामों से अवगत कराने की आवश्यकता है।
बैठक में प्रताप सरस्वाल, राजेंद्र गहलोत, एडवोकेट जितेंद्र, संजीव गहलोत और ताराचंद सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। सभी ने नशामुक्त एवं कुरीतिमुक्त समाज के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
उत्तर प्रदेश अखिल भारतीय अनुसूचित यूजन समाज के महामंत्री राजेश गहलोत ने कहा कि संगठन इस सामाजिक अभियान में संत समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगा, ताकि युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में प्रभावी पहल की जा सके।

