दिल्लीराष्ट्रीय

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मुंबई पहुंचे

एस जयशंकर से करेंगे वार्ता

दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो तीन दिवसीय यात्रा पर मुंबई पहुंचे हैं। इस दौरान वह विदेश मंत्री एस. जयशंकर से द्विपक्षीय व्यापार समझौते, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। रुबियो 26/11 स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और गुजरात के जामनगर में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार, 20 अक्टूबर को भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर महाराष्ट्र के मुंबई पहुंचे। इस दौरान व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा और रणनीतिक सहयोग पर मुख्य रूप से चर्चा होने की उम्मीद है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब नई दिल्ली और वाशिंगटन एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं, जबकि टैरिफ और भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
रुबियो के कार्यक्रम में मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक, 26/11 आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए ताज स्मारक का दौरा, और गुजरात के जामनगर में भारत के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं। इस यात्रा के दौरान पश्चिम एशिया में चल रहे संकट सहित क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता इस यात्रा का एक मुख्य केंद्र हो सकता है। दोनों देश एक व्यापक समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं, और हाल के दिनों में अधिकारियों ने संकेत दिया है कि बातचीत में प्रगति हुई है। व्यापार और निवेश के संबंध सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्र बने हुए हैं, क्योंकि दोनों पक्ष अपने आर्थिक सहयोग को मजबूत करना चाहते हैं।
ऊर्जा भी एजेंडे का एक प्रमुख मुद्दा है, विशेष रूप से रूस से कच्चे तेल का भारत द्वारा लगातार आयात किया जाना। यह मुद्दा नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच तनाव का कारण रहा है, क्योंकि अमेरिका ने पहले रूसी तेल की खरीद पर अतिरिक्त शुल्क लगाने पर विचार किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में रूसी कच्चे तेल के प्रमुख आयातकों को निशाना बनाने वाले एक कदम के तहत संभावित शुल्कों को हटा दिया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव का एक बिंदु कम हो गया है।
मंगलवार को रुबियो और जयशंकर के बीच द्विपक्षीय बातचीत होनी है। इस चर्चा में ऊर्जा, व्यापार और निवेश, रक्षा, तथा महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे विषयों पर बात होने की उम्मीद है। दोनों पक्षों के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होने की संभावना है, जिसमें यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्ष तथा उनके व्यापक आर्थिक प्रभावों जैसे मुद्दे शामिल हैं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button