
ब्रह्मपुत्र नद के विश्वनाथ घाट में 92 दुर्गा प्रतिमा को नम आंखों से भक्तों ने दी विदाई
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
विश्वनाथ,असम : समग्र राज्य में विजया दशमी के अवसर पर उत्साह, उमंग और ढाक का ताल में श्रद्धालुओं का नृत्य , नगाड़ा के धुन गायन – वायन में हर्षोल्लास का वातावरण छाया रहा । इधर विश्वनाथ जिले के सभी पूजा पंडाल में आज विजया दशमी के अवसर पर में उल्लास का माहौल रहा। पुरोहित द्वारा वेद उच्चारण तथा विधि विधान से जलपात्र में दर्पण में मां दुर्गा का विसर्जन दिया गया। सभी श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को आराधना करते हुए प्रणाम की।शारदीय दुर्गोत्सव के अंतिम दिन विश्वनाथ चारिआलि शहर के बौ बाजार के शिवाजी संघ के श्री श्री दुर्गोत्सव पूजा समिति दुर्गा पूजा समिति के पूजा मंडपों में विशेष रूप से विजया दशमी के पवित्र रीति-रिवाजों का पालन किया गया।इस पवित्र दिन पर महिला भक्तों ने माँ दुर्गा देवी की पूजा-अर्चना कर आपस में सिंदूर खेला कर माँ का आशीर्वाद लिया। लाल-सफेद साड़ी तथा मांगलिक वस्त्र पहने हुए महिलाओं के सिंदूर खेला के दृश्य ने मंडपों को एक अनोखा रूप दिया।परिवार की सुख-शांति और पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए महिलाओं ने इस पारंपरिक रीति का पालन किया। इधर दोपहर 2 बजे से विश्वनाथ चारिआलि शहर के सभी पूजा समिति ने मां दुर्गा को गाड़ी में सवार कराकर शहर की परिक्रमा करते हुए नृत्य गायन करते हुए ब्रह्मपुत्र नद विश्वनाथ घाट में मां दुर्गा की 92 मूर्ति विसर्जन किया गया। सभी भक्तों ने नम आंखों से विदाई दी। इधर शिवाजी संघ के सभी पदाधिकारी, सदस्य – सदस्या और सलाहकार ने नृत्य गायन के साथ विश्वनाथ घाट में पहुंचकर मां की अंतिम दर्शन की।




