गाजियाबाद
श्रीराम कथा में उमड़ा श्रद्धा और भक्ति का सैलाब
जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा ट्रोनिका सिटी
एकादशी के पावन अवसर पर कथा श्रवण कर भावविभोर हुए श्रद्धालु, पं. अतुल कृष्ण भारद्वाज ने श्रीराम चरित्र और एकादशी महात्म्य का किया भावपूर्ण वर्णन
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी (गाजियाबाद) : लोनी की ट्रोनिका सिटी में आयोजित भव्य श्रीराम कथा में एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। पूरा कथा पंडाल प्रभु श्रीराम की भक्ति से सराबोर हो उठा और श्रद्धालुओं के मुख से निकले जय श्रीराम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। भगवान श्रीराम के दिव्य चरित्र का श्रवण कर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।
कथा व्यास पंडित अतुल कृष्ण भारद्वाज ने अपनी अमृतमयी वाणी से श्रद्धालुओं को श्रीराम चरित्र की महिमा का रसपान कराया। उन्होंने एकादशी के पावन पर्व की धार्मिक महत्ता का वर्णन करते हुए बताया कि भारतीय सनातन परंपरा में एकादशी का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यह पावन तिथि भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना, भक्ति, संयम और आत्मशुद्धि के लिए समर्पित मानी जाती है।
कथावाचक ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, सत्यनिष्ठा, त्याग, करुणा और धर्मपालन के प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन में सदाचार अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का जीवन समस्त मानव समाज के लिए आदर्श है। उनके बताए मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन में प्रेम, सेवा, समर्पण और नैतिक मूल्यों को स्थान दे सकता है।
श्रीराम कथा के दौरान भक्ति रस की ऐसी धारा प्रवाहित हुई कि श्रद्धालु प्रभु की महिमा में लीन होकर जय श्रीराम के जयकारे लगाने लगे। कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और तन्मयता के साथ कथा का श्रवण किया। आयोजन स्थल पर धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण देखते ही बन रहा था।
कलश यात्रा के साथ हुआ था कथा का शुभारंभ
उल्लेखनीय है कि ट्रोनिका सिटी में श्रीराम कथा का शुभारंभ 18 अक्टूबर को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ था। तभी से कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सहभागिता बनी हुई है। आयोजन समिति के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय, महामंत्री अरविंद त्यागी और कोषाध्यक्ष प्रेम दत्त शर्मा सहित समिति के अन्य सदस्य आयोजन को सफल व भव्य बनाने में जुटे हुए हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से भी कथा स्थल पर सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। धार्मिक आयोजन के माध्यम से क्षेत्र में भक्ति, सद्भाव और सनातन संस्कृति के प्रति आस्था का संदेश प्रसारित हो रहा है

