ललितपुर
पर्यटन ग्राम पाली एवं देवगढ़ में 35 विद्यार्थियों ने जाना ग्रामीण जीवन
पारंपरिक शिल्प एवं ऐतिहासिक विरासत का महत्व

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। पर्यटन विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश ग्रामीण पर्यटन परियोजना के अंतर्गत पर्यटन अधिकारी हेमलता के मार्गदर्शन में पर्यटन विभाग द्वारा अनुबंधित संस्था आदर्श सेवा समिति द्वारा जिले के पर्यटन ग्राम पाली एवं देवगढ़ में 35 विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक क्यूरेटेड टूर का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवनशैली, स्थानीय समुदायों की परंपराओं, पारंपरिक हस्तशिल्प, कृषि गतिविधियों तथा क्षेत्र की धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना था। भ्रमण के प्रथम चरण में विद्यार्थियों ने पर्यटन ग्राम पाली का भ्रमण किया। यहां उन्होंने सहरिया जनजाति के स्थानीय परिवारों से मुलाकात कर उनकी जीवनशैली, रहन-सहन, पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं आजीविका के साधनों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को स्थानीय जनजातीय समुदाय की संस्कृति और ग्रामीण जीवन की विविधता को समझने का अवसर मिला। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने गांव में होने वाली पान की खेती का अवलोकन किया। स्थानीय किसानों ने विद्यार्थियों को पान की खेती की प्रक्रिया, बेलों की देखभाल, सिंचाई, अनुकूल वातावरण तथा फसल तैयार होने तक अपनाई जाने वाली विभिन्न कृषि गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों ने खेतों में पान की बेलों को करीब से देखा और समझा कि पारंपरिक कृषि ग्रामीण परिवारों की आजीविका का एक महत्वपूर्ण आधार है। पाली गांव में विद्यार्थियों ने स्थानीय हस्तशिल्प डलिया निर्माण कला का भी अवलोकन किया। स्थानीय कारीगरों ने उन्हें डलिया बनाने में प्रयुक्त सामग्री, बुनाई की तकनीक, आकार देने की प्रक्रिया तथा तैयार उत्पाद को अंतिम रूप देने की विधि के बारे में बताया। विद्यार्थियों ने कारीगरों को काम करते हुए देखा और पारंपरिक हस्तशिल्प की बारीकियों को समझा। इस गतिविधि के माध्यम से उन्हें स्थानीय कौशल, पारंपरिक शिल्प एवं ग्रामीण आजीविका के बीच संबंध को जानने का अवसर मिला। इसके बाद विद्यार्थियों ने नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन किए। यहां स्टोरीटेलर के माध्यम से विद्यार्थियों को मंदिर की धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्ता तथा इससे जुड़ी स्थानीय मान्यताओं के बारे में जानकारी दी गई। भ्रमण के दूसरे चरण में विद्यार्थियों ने पर्यटन ग्राम देवगढ़ का भ्रमण किया। यहां उन्होंने जैन मंदिर का अवलोकन किया तथा इसके इतिहास और धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात विद्यार्थियों को देवगढ़ स्थित प्रसिद्ध दशावतार मंदिर ले जाया गया, जहां उन्होंने प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला, मूर्तिकला एवं शिल्प परंपरा को करीब से देखा। स्थानीय गाइड एवं स्टोरीटेलर देवेंद्र ने विद्यार्थियों को दशावतार मंदिर के इतिहास, धार्मिक महत्व तथा इससे जुड़ी कथाओं के बारे में सरल एवं रोचक तरीके से जानकारी दी। विद्यार्थियों ने मंदिर की संरचना, दीवारों पर उकेरी गई मूर्तियों, बारीक नक्काशी तथा कलात्मक अभिव्यक्तियों का अवलोकन किया। उन्हें बताया गया कि ऐसे ऐतिहासिक स्मारक किसी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान, कला और गौरवशाली विरासत को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दशावतार मंदिर का भ्रमण विद्यार्थियों के लिए भारतीय स्थापत्य एवं मूर्तिकला को प्रत्यक्ष रूप से समझने का एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक अनुभव रहा। इस दौरान उन्हें ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण तथा भावी पीढय़िों तक सांस्कृतिक विरासत को पहुंचाने के महत्व से भी परिचित होने का अवसर मिला। इस क्यूरेटेड टूर के माध्यम से विद्यार्थियों ने एक ही भ्रमण में जनजातीय जीवनशैली, पारंपरिक कृषि, हस्तशिल्प, धार्मिक आस्था एवं प्राचीन स्थापत्य कला के विविध पहलुओं को समझा। इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण एवं विरासत पर्यटन के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश ग्रामीण पर्यटन परियोजना के जिला समन्वयक आशीष कुमार तथा ग्राम समन्वयक अरुण एवं देवेंद्र यादव एवं विद्यालय प्रबंधक रविशंकर राठौर जी एवं विद्यालय के अध्यापक भी उपस्थित रहे।



