
नई दिल्ली : शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट यूजी 2026 री-एग्जाम के परीक्षार्थियों को संदेश दिया है कि वे भ्रम फैलाने वालों से बचें और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और एक शांतिपूर्ण तथा निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
नीट यूजी 2026 री-एग्जाम से ठीक पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्टूडेंट्स और पेरेंट्स को एक बड़ा और पॉजिटिव संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि एग्जाम देने जा रहे छात्र किसी भी तरह का स्ट्रेस न लें और पूरे फोकस के साथ अपनी परीक्षा दें। सरकार एग्जाम को पूरी तरह फेयर और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए 100 प्रतिशत तैयार है। धर्मेंद्र प्रधान ने कुछ लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की नई जनरेशन के फ्यूचर के साथ किसी को भी खिलवाड़ करने का हक नहीं है।
अफवाह फैलाने वालों पर भड़के शिक्षा मंत्री-शिक्षा मंत्री ने बताया कि परीक्षा से कुछ घंटे पहले भी कुछ तथाकथित लोग गलत इरादे से बयानबाजी कर रहे हैं और भ्रम फैलाने की कोशिश में जुटे हैं। ऐसे लोग छात्रों के मन में फालतू की टेंशन पैदा करते हैं, जिससे उनका फ्यूचर प्रभावित हो सकता है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे ऐसी किसी भी अफवाह और गलत जानकारी पर बिल्कुल ध्यान न दें। सरकार का सबसे पहला टारगेट यही है कि किसी भी स्टूडेंट को एग्जाम के दौरान कोई परेशानी न हो।
हमारे देश के बच्चों को कष्ट नहीं होना चाहिए-केंद्रीय मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि भारत के बच्चों को बिल्कुल भी तकलीफ नहीं होनी चाहिए। लाखों छात्र लंबे समय से इस एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं और अब उनकी मेहनत दिखाने का वक्त आ गया है। ऐसे में किसी भी तरह की अफवाह या नेगेटिव माहौल बनाना पूरी तरह गलत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने मिलकर एग्जाम को सक्सेसफुल बनाने के लिए सारे कड़े इंतजाम किए हैं। सिक्योरिटी बेहद टाइट है और पूरी प्रोसेस पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
छात्रों को दी शुभकामनाएं, कहा- कॉन्फिडेंस के साथ दें एग्जाम-धर्मेंद्र प्रधान ने आखिर में सभी उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देते हुए आॅल द बेस्ट कहा। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे पूरे कॉन्फिडेंस के साथ एग्जाम सेंटर पहुंचें और अपनी तैयारी पर भरोसा रखें। सरकार की पूरी कोशिश है कि यह परीक्षा ट्रांसपेरेंट और टेंशन-फ्री माहौल में पूरी हो, ताकि हर छात्र का भविष्य सुरक्षित रह सके।



