गाजियाबाद
संविधान और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार एडवोकेट ने देश में संविधान की सर्वोच्चता, संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश का शासन संविधान के अनुसार चलना चाहिए। बहुमत के आधार पर संविधान की मूल भावना और संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।
सुरेंद्र कुमार ने कहा कि कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के पदाधिकारी संविधान के अनुसार कार्य करने तथा संवैधानिक व्यवस्था बनाए रखने की शपथ लेते हैं। ऐसे में इन संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करें और संविधान के विरुद्ध होने वाली गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय संविधान का संरक्षक है। यदि नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो न्यायालय को अपने अधिकार क्षेत्र के तहत मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में शीघ्र सुनवाई और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग
सुरेंद्र कुमार ने कहा कि संविधान के विरुद्ध कार्य करने या अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करने वाले सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई, दोषियों की संपत्ति जब्त करने और अन्य दंडात्मक कदम उठाने की मांग की ।


