बेतुल
बैतूल चक्काजाम की चेतावनी का असर, चिचोली में बदला बिजली कटौती का समय
किसानों की मांग पर विद्युत कंपनी ने शाम को शुरू की बिजली आपूर्ति, ग्रामीणों ने जताया आभार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। चिचोली विकासखंड क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती से परेशान किसानों और ग्रामीणों की मांग पर विद्युत कंपनी ने बिजली कटौती का समय बदल दिया है। 15 अक्टूबर को किसानों ने कांग्रेस के चिचोली ब्लॉक सचिव सुरेश यादव के नेतृत्व में चूना जोड़ स्थित विद्युत उपकेंद्र पर ज्ञापन सौंपकर सात दिन में समस्या का समाधान नहीं होने पर हरदा-इंदौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद उसी रात से बिजली आपूर्ति का समय बदलने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया था कि क्षेत्र में पिछले दो-तीन महीनों से बिना पूर्व सूचना के बार-बार बिजली कटौती की जा रही थी। प्रतिदिन आठ से दस बार बिजली बंद होने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही थी। शाम के समय बिजली गुल रहने से ग्रामीणों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। किसानों ने शाम के समय नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की थी।
ज्ञापन में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली की खपत समान रहने के बावजूद बिलों में दो से तीन गुना तक वृद्धि होने की शिकायत भी की गई थी। ग्रामीणों ने बिजली बिलों की जांच कर उनमें आवश्यक संशोधन करने की मांग उठाई। इसके अलावा जिले में सूखे की स्थिति को देखते हुए बैतूल को सूखाग्रस्त घोषित करने और किसानों से बैंक ऋण की वसूली पर रोक लगाने की मांग भी की गई थी।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता राजेश बाबा साहू ने समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि सात दिन में मांगें पूरी नहीं होने पर प्रशासन से अनुमति लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम किया जाएगा। बिजली आपूर्ति का समय बदलने के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों और प्रशासन के प्रति आभार जताया।
इस दौरान पूर्व जनपद सदस्य डोमा कुमरे, करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष बंटी ठाकुर, शिवम गिरी महाराज, कांग्रेस ब्लॉक मीडिया प्रभारी नोमेश इवने, रिंकेश यादव, बलराम यादव, आयुष यादव, रामबाबू उइके, बस्तीराम उइके, मनाराम उइके, पिंटू इवने, छोटू सराठे, मनोज वरकड़े, राजू राठौर, आम आदमी पार्टी के जिला सचिव सीताराम यादव सहित अन्य ग्रामीण और किसान मौजूद रहे।



