बिना डॉक्टर के संचालित हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
मैनपुरी/कुरावली। नगर के घिरोर रोड नहर पुल से आगे बिना डॉक्टर के संचालित होने वाले प्राइवेट नीलकंठ हॉस्पिटल में एक प्रसूता की मौत हो गई, परिजनो ने हंगामा काटते हुए हॉस्पिटल संचालको पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर उनके विरुद्ध थाने में तहरीर दी, पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
औंछा थाना क्षेत्र के गांव नगला देशी निवासी शिवमंगल सिंह ने अपनी पत्नी राजवती को प्रसव पीड़ा होने पर 13 मई को कुरावली के घिरोर रोड स्थित नीलकंठ हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, जहां पर राजवती ने ऑपरेशन के बाद एक बच्चे को जन्म दिया था, उसके बाद प्रसूता राजवती की हालत में सुधार नहीं हुआ था, शिवमंगल सिंह का आरोप है कि कई बार हालत बिगड़ने पर उसके द्वारा हॉस्पिटल में मौजूद डॉक्टरो से इलाज करने के लिए कहा गया, लेकिन इन्होने इलाज नहीं किया, उसके बाद रेफर करने के लिए कहा गया, लेकिन हॉस्पिटल संचालको ने रेफर भी नहीं किया, 17 मई की रात को प्रसूता राजवती की हालत ज्यादा बिगड़ी तब वह बैड पर पैर पटकने लगी, तब नीलकंठ हॉस्पिटल के संचालक अनिल कुमार और मिथलेश व डॉ. दुष्यंत कुमार उर्फ सोनू ने प्रसूता के हाथ पैर बांध दिए, और उसके साथ मारपीट की, पीड़ित का कहना है कि उसी रात को प्रसूता राजवती की मौत हो गई। पीड़ित ने इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर तहरीर थाने में दी है। पुलिस ने प्रसूता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
*बिना डॉक्टर के संचालित किया जा रहा है हॉस्पिटल*
बताया जाता है कि कुरावली का नीलकंठ हॉस्पिटल बिना डॉक्टर के संचालित किया जाता है। पीड़ित शिवमंगल सिंह ने बताया कि जिसदिन प्रसूता राजवती का ऑपरेशन हुआ था, तब कोई डॉक्टर बाहर से आया था, ऑपरेशन के बाद डॉक्टर चले गए थें, उसके बाद प्रसूता की देखरेख संचालक अनिल कुमार, मिथलेश कुमारी, डॉ. दुष्यंत कुमार के द्वारा की जा रहीं थी। प्रसूता की देखरेख करने वाले अनिल कुमार क फार्मासिस्ट व मिथलेश एएनएम व दुष्यंत कुमार एक बीएएमएस डॉक्टर है।
*अगर सीएमओ कार्रवाई करते तो बच जाती प्रसूता की जान*
कुरावली का नीलकंठ हॉस्पिटल बिना डॉक्टर के संचालित किया जाता है। करीब 10 माह पूर्व बिना डॉक्टर के संचालित हॉस्पिटल के मामले को सोशल मीडिया पर इस मामले को प्रमुखता से प्रचारित किया गया था, यह मामला सीएमओ की जानकारी में भी पहुंच गया था, लेकिन सीएमओ ने हॉस्पिटल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, अगर तब कार्रवाई हो जाती तो आज राजवती की जान नहीं जाती, सीएमओ के द्वारा कार्रवाई न करने से एक महिला की जान चली गई।
*क्या बोले डिप्टी सीएम/स्वास्थ्य मंत्री*
कुरावली के प्राइवेट हॉस्टिल में महिला की मौत का मामला संज्ञान में नहीं है। परिजनो ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए है तो पूरे मामले की जांच कराने के आदेश दिए जायेंगे। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, साथ बिना डॉक्टर के हॉस्पिटल क्यों संचालित हो रहा था, इसके बारे में पता करके कार्रवाई कराई जाएगी।- *बृजेश पाठक, डिप्टी सीएम/स्वास्थ्य मंत्री उत्तर प्रदेश शासन।*
*क्या बोले इंस्पेक्टर कोतवाली कुरावली*
हॉस्पिटल में महिला की मौत का मामला संज्ञान में है। तहरीर भी मिली है। डॉक्टर के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करने के लिए सीएमओ से परमीशन ली जाएगी, परमीशन मिलने के बाद मुकदमा पंजीकृत करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।- *धर्मेन्द्र सिंह चौहान, इंस्पेक्टर कोतवाली कुरावली।*



