अमरोहा
मोहब्बत के वादे भुला क्यों रहे हो, कहीं दोस्त बनकर दग़ा तो न दोगे
फैजान अजमेरी कव्वाल ने दी प्रस्तुति

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
उझारी। हजरत शेख दाऊद बंदगी रहमतुल्लाह अलेह के उर्स में जायरीनों का तांता लगा हुआ है । लोग तबर्रुक एवं चादरपोशी करके मन्नते मांग रहे हैं।
बीती रात देश के प्रसिद्ध कव्वाल फैजान अजमेरी ने हजरत शेख दाऊद बंदगी रहमतुल्लाह अलैह के उर्स में अपनी प्रस्तुति दी। फैजान अजमेरी कव्वाल को सुनने के लिए युवाओं की भारी भीड़ मौजूद रही। फैजान अजमेरी के कलाम पर लोग झूमते हुए नजर आए। उन्होंने पढ़ा- मोहब्बत के वादे भुला क्यों रहे हो, कहीं दोस्त बनकर दग़ा तो न दोगे। दरगाह पर दूर दराज से अकीदतमंद आ रहे हैं और अपने मन की मुरादे मांग रहे हैं। बताया जाता है कि दरगाह पर सच्चे मन से मांगी गई मुराद अवश्य ही पूरी हो जाती है। उर्स के अवसर पर लगे मेले में बच्चे खेल तमाशों का भरपूर आनंद उठा रहे हैं। जबकि महिलाएं मीना बाजार से अपनी जरूरत की वस्तुएं खरीद रही हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से इस अवसर पर मुख्य रूप से सदर हकीम चमन, फहीमुददीन महल, इफ्तिखार उल हसन, मास्टर असद, मो० आदिल, मौ० आमिर, शाकिर मसऊदी, आफाक पठान, शहाबुद्दीन सैफी, हाजी बब्बन, अलाउद्दीन सैफी, डॉ० शहरोज मुख्तार, वहाबुद्दीन, कुंवर अदनान महल, कोकब इकतेदार, राशिद अली, अबसार अहमद, फहीम वारिस, शम्स तबरेज ,चौधरी अब्दुल कादिर, शबाहत हुसैन, आदि भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।


