कैदियों को प्रशासन बना रही नशा मुक्त और हुनरमंद
The administration is making the prisoners drug-free and skilled

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। प्रोजेक्ट परिवर्तन के तहत भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा मंडलकारा पाकुड़ के कैदियों को दी जाने वाली 12 दिवसीय पेपर बैग निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम के बतौर मुख्यातिथि उपायुक्त मनीष कुमार, मंडल कारापाल दिलीप कुमार और वरिष्ठ संकाय सह कार्यक्रम समन्वयक अमित कुमार बर्धन ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उद्घाटन किया। साथ ही उपायुक्त ने मंडलकारा पाकुड़ में नशा मुक्ति केन्द्र का भी उद्घाटन किया। उपायुक्त मनीष कुमार ने कैदियों को कौशल प्रशिक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का अधिकाधिक लाभ प्राप्त कर कैदियों को स्वावलंबी बनाकर मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। वर्तमान समय में हुनरमंद होना नितांत आवश्यक है। जेल से बाहर निकलने पर अपना हुनर का उपयोग कर स्वालंबी बन सकते हैं। पाकुड़ जिला की युवाओं और सखी मंडल की महिलाएं स्वरोजगार कर अच्छी आय प्राप्त कर रही हैं। वरिष्ठ संकाय सह कार्यक्रम समन्वयक अमित कुमार बर्धन ने कहा कि कैदी कौशल प्रशिक्षण को प्राप्त कर अपना हुनर का विकास कर सकते हैं साथ ही जेल में व्यतीत होने वाले समय का सदुपयोग कर सकते हैं। किसी भी कार्य को बेहतर तरीके से करने के लिए आवश्यक जानकारी होना आवश्यक है, जो प्रशिक्षण से ही संभव है।लाभुकों को इस प्रशिक्षण के साथ साथ विपणन, उद्यमी योग्यता, समय प्रबंधन, वित्तीय समावेशन, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, बैंकिंग एवं बीमा आदि से संबंधित जानकारी दी जायेगी। कार्यक्रम में कार्यलय सहायक मोतीलाल साहा व अन्य लोग मौजूद थे ।



