हापुड़

भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित लेखपाल ने ज़हर खाकर दी जान।

परिजनों का आरोप शिकायतकर्ता की ब्लैकमेलिंग से परेशान चल रहा था लेखपाल सुभाष मीणा।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कमिश्नर मेरठ को सौंपी जांच।

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।

हापुड़। भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित लेखपाल सुभाष मीणा की कल ज़हर खाने के बाद इलाज के दौरान आज मौत हो गई । गाजियाबाद के मेक्स अस्पताल में कल से जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है था लेखपाल सुभाष मीणा । डीएम अभिषेक पांडे ने जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता भूपेंद्र चौधरी की शिकायत पर लेखपाल को निलंबित किया था । मृतक लेखपाल के परिजनों का आरोप है कि शिकायतकर्ता भूपेंद्र द्वारा शिकायत वापस लेने के नाम पर पांच लाख रुपए मांग रहा था जिससे वह काफी परेशान चल रहे थे । कल दोपहर के समय लेखपाल सुभाष मीणा ने तहसीलदार धौलाना के कार्यालय से बाहर निकालते ही जहर खा लिया था। तत्काल एस डी एम धौलाना और तहसीलदार लेखपाल को लेकर रामा अस्पताल पहुंचे जहां से उन्हें गाजियाबाद के मेक्स हॉस्पिटल रेफर किया गया था । आज इलाज के दौरान लेखपाल सुभाष मीणा की मौत हो गई ।
जानकारी के अनुसार 03 जून को हापुड़ के गांव डहाना मे डीएम अभिषेक पांडे ने जनचौपाल के दौरान एक शिकायतकर्ता भूपेंद्र चौधरी की शिकायत पर चकबंदी के लेखपाल सुभाष मीणा को निलंबित कर दिया था और उनके सहायक पिंटू के खिलाफ मुकदमा लिखने के आदेश किए थे। शिकायतकर्ता भूपेंद्र ने आरोप लगाया था कि लेखपाल सुभाष मीणा ने अपने निजी सहायक पिंटू के माध्यम से 500/- की रिश्वत लेकर खतौनी दी थी । इस आरोप के बाद निलंबित होने क़े बाद लेखपाल सुभाष मीणा ने कल दोपहर धौलाना तहसील में जहर खा लिया था , इलाज के दौरान आज अस्पताल में उनकी मौत हो गई । लेखपाल को डी एम ने सस्पेंड कर दिया था जबकि उनके रिटायरमेंट मे सिर्फ 8 माह रह गए थे । भूपेंद्र चौधरी की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर लेखपाल सुभाष मीणा इतने आहत हुए कि उन्होंने जहर खाकर अपनी जान दे दी ।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए अब इस मामले की जाँच कमिश्नर मेरठ व DIG मेरठ को सौंप दी है । वही इस मामले मे हापुड जिले क़े लेखपाल कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे हुए हैं।‌ हापुड के डी एम अभिषेक पांडे का कहना है कि , शिकायत के बाद लेखपाल को निलंबित किया गया था , मामले की जांच चल रही थी । शिकायतकर्ता भूपेंद्र लेखपाल से जांच समाप्त कराने के लिए पांच लाख रुपए मांग रहा था । हमारी परिजनों के साथ संवेदना है । उनसे बात चल रही है । परिजनों द्वारा तहरीर देने के बाद मुकदमा लिखकर कार्यवाही की जाएगी।

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