बेतुल
बैतूल कुंडी टोल प्लाजा पर अवैध वसूली के खिलाफ ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
बिना ग्रामसभा की स्वीकृति के किया जा रहा टोल का संचालन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। बैतूल से इटारसी के बीच बन रहे नेशनल हाईवे पर कुंडी टोल से वसूली शुरू कर दी गई है, लेकिन सड़क निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। इसके विरोध में शाहपुर क्षेत्र के ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। टोल टैक्स की यह वसूली आदिवासी ग्रामीणों को आर्थिक रूप से परेशान कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता राजा धुर्वे के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को ज्ञापन भेजकर तत्काल वसूली रोकने की मांग की है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा है कि यह क्षेत्र संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत अधिसूचित आदिवासी क्षेत्र है और यहां के स्थानीय नागरिक आदिवासी हैं। इसके बावजूद एनएचआई द्वारा टोल वसूली शुरू करना पूरी तरह अनुचित है।
ग्राम पंचायत कुंडी के सरपंच वीरेंद्र बबलू उइके ने आरोप लगाया कि टोल का संचालन बिना ग्रामसभा की स्वीकृति (एनओसी) के किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि टोल बूथ पर बाहरी तत्वों के माध्यम से पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों को डराया और धमकाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है। इस विरोध प्रदर्शन में सरपंच वीरेंद्र बबलू उइके के साथ आसपास के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
– बरेठा घाट का निर्माण कार्य अभी तक नहीं हुआ
ग्रामीणों ने बताया कि कुंडी टोल से बैतूल की ओर जाने वाले मार्ग में लगभग 10 से 12 किलोमीटर की दूरी पर बरेठा घाट का निर्माण कार्य अभी तक नहीं हुआ है। वहीं इटारसी की ओर जाने वाले मार्ग में भी लगभग 30 किलोमीटर के बाद 15 किलोमीटर का हिस्सा अभी अधूरा है। इसके बावजूद वाहन चालकों से पूरे टोल की वसूली की जा रही है, जबकि वे केवल लगभग 40 किलोमीटर ही सफर कर रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि टोल पर आदिवासी क्षेत्रों के नागरिकों से उनके निजी वाहन और कृषि कार्य में उपयोग आने वाले वाहनों पर भी पूरी राशि वसूली जा रही है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। शाहपुर और भौरा जैसे कस्बे जो टोल से महज 5 से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, वहां के लोगों को भी टोल चुकाना पड़ रहा है।
– मनमानी वसूली को बढ़ावा दे रहे अधिकारी
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि टोल अनुबंधकर्ता द्वारा यह दबाव डाला जा रहा है कि ग्रामीण 350 रुपए प्रति माह देकर पास बनवाएं। इससे साफ है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और उनके अधिकारी अनुबंधकर्ताओं के दबाव में काम कर रहे हैं और मनमानी वसूली को बढ़ावा दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने सड़क परिवहन मंत्रालय से मांग की है कि जब तक हाईवे का पूर्ण निर्माण नहीं हो जाता, तब तक कुंडी टोल से वसूली बंद की जाए। साथ ही टोल के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले नागरिकों के निजी और कृषि उपयोग के वाहनों को टोल से पूर्णतः मुक्त किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।





