धर्ममथुरा

गुरु-शिष्य परंपरा का अनूठा बंधन, हर ओर से गुरुओं का अभिनंदन

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
मथुरा। वृंदावन में प्रेम और सम्मान की भावना से ओतप्रोत शिष्य अपने गुरुओं का सम्मान करने और उनसे आशीर्वाद लेने के लिए वृंदावन के विभिन्न आश्रमों में पहुंचे। गुरु के चरण पखारने के बाद जब कई शिष्यों के नेत्रों से स्वत: ही अश्रुधारा बहने लगी तो गुरुओं ने कहा कि यह अश्रु नहीं, बल्कि प्रेमजल है और यह निस्वार्थ प्रेम होने पर ही बरसता है।
परिक्रमा मार्ग स्थित ललित कुंज आश्रम में हरिदासिया संप्रदाय के आचार्य महामंडलेश्वर राधा प्रसाद देव महाराज का दुर्धरा से आए साधु संतों ने पूजन किया। केसी घाट के निकट स्थित चरण आश्रम में महामंडलेश्वर सत्यानंद सरस्वती अधिकारी गुरु महाराज का शिष्यों ने विधि विधान के साथ पूजन किया। इसी प्रकार सुदामा कुटी आश्रम के महंत नाभा पीठाधीश्वर सुतीक्ष्ण दास महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु और शिष्य दोनों के लिए ही विशेष महत्व रखता है। गुरु पूर्णिमा पर्व पर श्री दुर्गा शक्ति पीठ गोपीनाथ मंदिर आश्रम में महामंडलेश्वर नवल गिरी महाराज ने कहा कि यह रिश्ता अटूट विश्वास पर टिका होता है। इस दौरान विष्णु देवानंद महाराज, मधुरानंद महाराज, सीए अमित अग्रवाल आदि भक्त मौजूद थे। श्री जग्गनाथ प्रसाद भक्तमाली महाराज के ताड़ वाली कुंज स्थित मंदिर में गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। वात्सल्य ग्राम स्थित संविद गुरुकुलम छात्रा सैनिक स्कूल में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर छात्राओं ने एकलव्य नृत्य- नाटिका की प्रस्तुति दी। वहीं हजारों भक्तों ने साध्वी ऋतंभरा का चरण पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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