
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
उरई (जालौन)। समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय इंसानियत ग्रुप ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक गरीब बेटी के विवाह को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की मदद के लिए ग्रुप के सदस्यों ने मिलकर सहयोग किया, जिससे विवाह संपन्न हो सका।
ग्रुप के संस्थापक सदस्य सुमित प्रताप सिंह ने बताया कि 8 मार्च की शाम उन्हें जानकारी मिली कि ग्राम कुरसेड़ा निवासी स्वर्गीय भूरे बाल्मीकि की पुत्री लक्ष्मी का विवाह ग्राम सरसई निवासी भूरा पुत्र बबलू बाल्मीकि के साथ 10 मार्च को तय हुआ है। दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण विवाह उनके घर से ही किया जा रहा था, लेकिन शादी के लिए आवश्यक सामान की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही थी। इस सूचना के मिलते ही सुमित प्रताप सिंह ने इंसानियत ग्रुप के सभी सदस्यों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद कई सदस्यों ने आगे बढ़कर आर्थिक व सामग्री के रूप में सहयोग दिया। संदीप कुमार सिंह राजपूत ने 10 हजार रुपये, सुदीप कुमार ने 5351 रुपये, मोहित गुप्ता ने 5100 रुपये का सहयोग किया। शिवपूजन ने साड़ियां व बर्तन प्रदान किए। इसके अलावा लक्ष्मण चंसोलिया, अवनीश सेंगर (जगम्मनपुर), तिलक सेंगर (भिटौरा), श्रवण सेंगर (गोरा भूपका) ने भी आर्थिक सहायता दी। आयुष शुक्ला और रंजना चैहान ने 5100 रुपये का सहयोग किया। सुमित प्रताप सिंह ने बताया कि कई अन्य लोगों ने भी नाम न बताने की शर्त पर मदद की, जिनमें परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी तथा बेंगलुरु से जुड़े इंसानियत ग्रुप के सदस्य भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इंसानियत ग्रुप में करीब 5000 सदस्य जुड़े हुए हैं, जो जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। ग्रुप पहले भी रक्तदान और अन्य सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहा है। सुमित प्रताप सिंह के अनुसार जरूरतमंदों की मदद करके उन्हें सच्ची खुशी मिलती है और इसी उद्देश्य से इंसानियत ग्रुप का गठन किया गया है।


