जामताड़ा

पति ने बेटी पैदा करने पर दी जान से मारने की धमकी, ससुराल पक्ष पर कई बार जानलेवा हमले का आरोप, नुरेशा खातून ने लगाई न्याय की गुहार

Husband threatened to kill her for giving birth to a daughter, in-laws accused of several life-threatening attacks, Nuresha Khatun pleaded for justice

सिराज अंसारी

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो। जामताड़ा। नारायणपुर थाना क्षेत्र के बन्दरचूवां गांव निवासी नुरेशा खातून ने अपने पति शब्बीर अंसारी समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों पर मारपीट, दहेज प्रताड़ना और जानलेवा हमले का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2008 में नारायणपुर थाना क्षेत्र के भगाबांधन निवासी शब्बीर अंसारी के साथ हुई थी। प्रारंभिक वर्षों में संबंध सामान्य रहे, लेकिन एक पुत्र के जन्म के बाद दहेज को लेकर लगातार मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना शुरू हो गई। पीड़िता का आरोप है कि शादी के समय ₹1.20 लाख नकद व लगभग ₹2 लाख के घरेलू सामान दिए गये थे। इसके बावजूद ससुराल पक्ष द्वारा बार-बार अपाचे बाइक की मांग की जा रही थी। मांग पूरी नहीं होने पर पति शब्बीर द्वारा मारपीट की जाने लगी। नुरेशा खातून ने बताया कि जब उसने एक पुत्री को जन्म दिया, तो प्रताड़ना और अधिक बढ़ गई। पति ने बेटी को लेकर ताना मारते हुए कहा कि बेटी हुई है, अब खुद ही संभालो।” साथ ही यह धमकी भी दी गई कि यदि दोबारा बेटी पैदा हुई तो उसे जान से मार दिया जाएगा। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2023 में वह मामला लेकर जामताड़ा महिला थाना पहुंची, जहाँ दोनों पक्षों को समझाते हुए आपसी सहमति से वापस भेजा गया था। कुछ महीनों तक स्थितियाँ सामान्य रहीं, लेकिन गर्भवती होने के बाद फिर से प्रताड़ना शुरू हो गई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब पीड़िता के पिता कलीम अंसारी बेटी को ससुराल से लाने पहुंचे। उनके साथ भी ससुराल पक्ष द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। आरोप है कि उन्हें जान से मारने की नीयत से बाइक से टक्कर मार दी गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना की शिकायत नारायणपुर थाना में दर्ज कराई गई। सबसे चौंकाने वाली घटना थाना परिसर में हुई, जब दोनों पक्षों को बुलाकर सामुदायिक केंद्र के पास बैठक कराई जा रही थी। आरोप है कि बैठक के दौरान ही शब्बीर अंसारी, उसके पिता सुदीन मियां, सास गुलशन बी, तथा अन्य लोगों द्वारा कलीम अंसारी पर हमला कर दिया गया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गये। उन्हें पहले सामुदायिक केंद्र में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया, फिर हालत गंभीर होने पर धनबाद पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। कलीम अंसारी ने बताया कि उन्होंने अपने दामाद को बेटा मानकर बेटी की शादी की थी, लेकिन आज वही व्यक्ति उनकी जान का दुश्मन बन गया है। वे डर के माहौल में जी रहे हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं। वहीं पीड़िता नुरेशा खातून ने समाज और प्रशासन से अपील की है कि उसे और उसकी बेटी को सुरक्षा प्रदान की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button