ललितपुर
रंग पंचमी व अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कवि सम्मेलन आयोजित
कवियों ने दिया एकता व भाईचारे का संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
ललितपुर। कौमी एकता की प्रतीक साहित्यिक संस्था हिंदू-उर्दू एवं अंतर्राष्ट्रीय बैनर के तत्वावधान में रंग पंचमी और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पं. राम प्रकाश शर्मा के निवास पर एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप चिकित्सा अधीक्षक एवं कवि हृदय डा. खेमचंद वर्मा कबीर ने की, जबकि संचालन संस्था के अध्यक्ष रामकृष्ण कुशवाहा एड. कृष्ण ने किया। इस दौरान कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। अध्यक्षता कर रहे डा. खेमचंद वर्मा कबीर ने कहा कि दिल से दिल मिलाकर तो देखो, नफरत की होली जलाकर तो देखो, दुश्मनी दोस्ती में बदल जाएगी, अरे दोस्तों चुटकी भर गुलाल लगाकर तो देखो। कार्यक्रम में सरवर हिंदुस्तानी ने मोहब्बत और भाईचारे पर शेर पढ़ते हुए कहा कि हमारे शहर का दस्तूर निराला है ललितपुर, मोहब्बत का इश्क वाला है। वहीं युवा कवि बृजेश श्रीवास्तव ने होली के रंगों पर अपनी कविता प्रस्तुत करते हुए कहा कि रंग-बिरंगे रंगों से सजी हुई रंगोली है, खुशियों का पैगाम लेकर आई होली है। कार्यक्रम में महिला शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए कवयित्री ने नारी शक्ति पर अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि नई नहीं अब बेचारी, शक्ति स्वरूप है दायनी, जन्म-जन्म तक साथ निभाती है, यह अर्धांगिनी है। इसके अलावा जलील बख्श ने वर्तमान हालात पर अपनी रचना सुनाई कि तेरे एक झटके से उजड़ गए शहर कितने। आज वीरान हो गए हैं आबाद घर कितने। वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी राजाराम खटीक ने कौमी एकता पर शेर पढ़ा कि एकता के गुलशन में खिलते हैं प्यार के फूल, नफरत की बंजर धरती पर उगते हैं बबूल। कार्यक्रम के अंत में राधेश्याम ताम्रकार ने होली के रसिया प्रस्तुत कर माहौल को होली के रंगों से सराबोर कर दिया। कवि सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने कवियों की रचनाओं का भरपूर आनंद लिया।