झुंझुनू

सूचना केंद्र के पुराने भवन व पुस्तकालय को हटाने के विरोध मे एसएफआई ने किया रैली निकालकर प्रदर्शन 

पत्रकारों सहित आमजन मे आक्रोश 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनू। सूचना केंद्र में वर्ष 1990 से संचालित वाचनालय और पुस्तकालय को हटाए जाने की प्रक्रिया को लेकर छात्रों और आमजन में असंतोष की लहर दौड़ गई है। सोमवार को स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने सांकेतिक रैली निकालकर जिला कलेक्ट्रेट पर विरोध दर्ज कराया। इस रैली में छात्र-छात्राओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और कुछ पुस्तक प्रेमियों ने भी भाग लिया। इस सूचना केंद्र को जिला प्रशासन की ओर से एसीबी कोर्ट के लिए प्रदान किया जा रहा है। पत्रकार संगठन भी प्रशासन के इस फैसले का विरोध कर रहे है। सामाजिक और राजनीतिक संगठन भी जिला प्रशासन के फैसले के खिलाफ है। पत्रकारों ने भी कलेक्टर से मिलकर इस फैसले का विरोध जताया है।एसएफआई की ओर से बताया गया कि सूचना केंद्र झुंझुनूं शहर के बीचों-बीच एक ऐसा स्थान है, जहां छात्र वर्षों से अध्ययन करते आए हैं। यहाँ स्थापित वाचनालय और पुस्तकालय का उपयोग न केवल छात्र बल्कि स्थानीय शिक्षक, प्रतियोगी परीक्षार्थी और अन्य पढ़ने-लिखने वाले नागरिक भी करते रहे हैं। पिछले 30 वर्षों में यह स्थान जिले के शैक्षिक केंद्रों में अपनी अलग पहचान बना चुका है। “प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज गुर्जर ने कहा कि सूचना केंद्र में संचालित यह वाचनालय और पुस्तकालय शहर के सैकड़ों छात्रों की पढ़ाई का केंद्र रहा है। यहां हर रोज दर्जनों छात्र सुबह से शाम तक बैठकर पढ़ाई करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के लिए यह विशेष रूप से उपयोगी रहा है, क्योंकि उन्हें शहर में न तो पढ़ने का उपयुक्त स्थान मिलता है और न ही पुस्तकालय जैसी सुविधा। ऐसे में इस स्थान को खत्म किया जाना केवल एक भवन परिवर्तन नहीं, बल्कि अध्ययनशील युवाओं के भविष्य से जुड़ा हैं “प्रदर्शन के दौरान एसएफआई से जुड़ी छात्र नेता पलक ने भी कहा कि यह केंद्र वर्षों से छात्रों के लिए एक सुरक्षित और शांत वातावरण देता आया है। यह निर्णय यदि बिना विकल्प तय किए लागू किया गया तो इससे कई प्रतियोगी छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि SFI आगे भी छात्रों के हक में आवाज उठाती रहेगी, ताकि जिले में शिक्षा-संवेदनशील वातावरण बना रहे।रैली सूचना केंद्र से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तक पहुंची, जहां छात्रों ने नारे लगाते हुए प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया। इसके बाद एसएफ आई प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें यह मांग की गई कि सूचना केंद्र में वाचनालय और पुस्तकालय को यथावत बनाए रखा जाए और अगर कोई बदलाव प्रस्तावित हो तो छात्रों से संवाद कर ऑप्शनल समाधान निकाला जाए।” ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सूचना केंद्र एकमात्र ऐसा स्थल है, जो बिना शुल्क लिए पूरे जिले के छात्रों और पाठकों को सुलभ वातावरण में पढ़ने का अवसर देता है। यहां उपलब्ध समाचार पत्र, प्रतियोगी पुस्तकें और सैकड़ों संदर्भ सामग्री वर्षों से अध्ययन का आधार रही हैं। पुस्तकालय में आने वाले छात्र न केवल शैक्षणिक बल्कि सामाजिक और वैचारिक दृष्टि से भी विकास करते हैं, जिसे बंद करना या स्थानांतरित करना जल्दबाजी और असंतुलन पैदा करने वाला कदम होगा।
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