राजस्थान विधायकों का बिजली बिल बकाया: 10 BJP नेता, 7 कांग्रेस MLA

मैं जनसेवक हूं… मकान मेरा नहीं, जनता का है। सरकार हमारा बिल माफ करे, हम तो जनता की सेवा करते हैं।”
इंदिरा मीणा: “70 हजार भर दिए थे, बाकी पता नहीं”
बामनवास से कांग्रेस विधायक इंदिरा मीणा का बकाया ₹1.09 लाख है। सवाल पर बोलीं –हमें तो पता ही नहीं बिल कितना बाकी है। पहले 70 हजार दिए थे।
मंत्री कन्हैयालाल का ‘कनेक्शन’ भी बकाया
राज्य सरकार में मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने भी दो महीने से बिल जमा नहीं किया। और मज़ेदार बात? न कोई नोटिस, न कनेक्शन काटा गया।
नियम क्या कहता है, और नेता क्या करते हैं?
डिस्कॉम के नियम साफ हैं –
₹10,000 से ज्यादा का बकाया हो तो 15 दिन में कनेक्शन काटा जाएगा।
लेकिन लालकोठी और ज्योति नगर में नियमों की चाय बनती है और बकाएदार उसमें मलाई की तरह तैरते हैं। डिस्कॉम के अधिकारी भी हाथ बांधे खड़े हैं — ना कोई JEN आया, ना कोई लाइनमैन।
लेकिन बेनीवाल का कटा कनेक्शन!
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का बिजली कनेक्शन ₹11 लाख बकाया होने पर काट दिया गया। इस पर बवाल मच गया। सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक हड़कंप मच गया।
नतीजा? ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर तक को अपना बकाया बिल तुरंत जमा करवाना पड़ा।
अब बिल की जगह “विनती” चल रही है!
ऊर्जा मंत्री बोले –
“सभी विधायकों से आग्रह किया है कि वे समय पर बिल जमा करें।”
मतलब, आम आदमी को नोटिस, नेता को सिर्फ विनती!
बिजली कंपनियां घाटे में
राजस्थान की बिजली कंपनियों का घाटा ₹1.40 लाख करोड़ से पार हो चुका है। और अनुमान है कि यह घाटा वित्तीय वर्ष खत्म होते-होते ₹2 लाख करोड़ पार कर जाएगा।


